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यूपी: यहां इंसेफेलाइटिस का हमला तेज, डॉक्टरों ने बताए बचने के उपाय

Mon, 04 Jun 2018 12:51 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- हैलट में भर्ती युवती, वृद्ध की हालत गंभीर
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अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कानपुर शहर व आसपास के जिलों में दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिमागी बुखार की वजह से रविवार को आठ मरीजों को हैलट और उर्सला इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर है।
 
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ओपीडी में मरीज को देखते डॉक्टर जे.एस कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
डाक्टरों ने इस मौसम में बुखार तेज होते ही तुरंत विशेषज्ञ से इलाज कराने की सलाह दी है। भीषण गर्मी के बीच मौसम के उतार - चढ़ाव से वायरल का हमला तेज हो गया है। अस्पतालों में बुखार और पेट के सर्वाधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
 
 
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डेमाे पिक
बर्रा-6 निवासी कीर्ती  वर्मा (20) को बेहोशी की हालत में हैलट इमरजेंसी में डॉ. जेएस कुशवाहा की यूनिट में भर्ती कराया गया। उसे देर शाम तक होश नहीं आया था। बंगाली घाट निवासी होरी लाल (75) को भी बुखार के बाद झटके और बेहोशी की वजह से इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इंसेफेलाइटिस जैसे लक्षणों वाले चार अन्य मरीज इमरजेंसी में भर्ती कराए गए। ऐसे दो अन्य मरीजों का इलाज उर्सला में चल रहा है।
 
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डेमाे पिक
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि उनकी यूनिट में इंसेफेलाइटिस जैसे लक्षणों वाले छह मरीज भर्ती हुए हैं। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। ऐेसा बुखार सामान्यतया पैरासीटामॉल से ही ठीक हो जाता है पर बुखार को तेज मत होने दें। ज्यादा दिन बुखार रहने और तेज होने से यह दिमाग में पहुंच जाता है। इससे मरीज को झटके, बेहोशी आने लगती है और वह गंभीर हो जाता है। जान भी जा सकती है। हैलट के मेडिसिन वार्डों में भी इंसेफेलाइटिस जैसे लक्षणों वाले कई मरीज भर्ती हैं।
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