कानपुर। कल्याणपुर के तीन और नर्सिंगहोम में किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजाें को भर्ती किया गया था। यह जानकारी पुलिस को आहूजा हॉस्पिटल और मेडिलाइफ हॉस्पिटल के पूर्व पैरामेडिकल स्टाफ से हुई है। शुक्रवार और शनिवार को तीनों नर्सिंगहोम के संचालकों से पूछताछ की गई। उनसे मरीजाें के ट्रांसप्लांट की जगह और उनको देखने आने वाले डॉक्टरों के विषय में पूछताछ की गई। पुलिस को कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। तीनों नर्सिंगहोम की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय से मांगी गई है।
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी के मुताबिक जेल भेजे गए दोनों ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार आठ से नौ बार शहर आए हैं। उन्होंने आहूजा हॉस्पिटल और मेडिलाइफ हॉस्पिटल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कुछ और नर्सिंगहोम में ट्रांसप्लांट के बाद किडनी रोगी और डोनर को भर्ती होने का इशारा किया था।
दोनों ने नर्सिंगहोम की जानकारी होने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद आहूजा हॉस्पिटल और मेडिलाइफ हॉस्पिटल के पूर्व स्टाफ से पूछताछ की। नए शिवली रोड स्थित नर्सिंगहोम, आवास-विकास पेट्रोल पंप के पीछे बने नर्सिंगहोम और केशवपुरम के अन्य नर्सिंगहोम की जानकारी दी। शुक्रवार और शनिवार को तीनों के संचालकों से पूछताछ की गई। उनके यहां के रिकार्ड भी चेक किए गए। उसमें किसी तरह के दस्तावेज नहीं मिले हैं। किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े आरोपी किसी तरह का कोई दस्तावेज और डॉक्टरों का पर्चा नहीं रखते हैं। फिर भी उनसे जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने शनिवार को मेडिलाइफ हॉस्पिटल के संचालक रहे रोहन और नरेंद्र को पूछताछ के लिए उठाया गया है। उनसे कुछ जानकारी मिली है। पुलिस लखनऊ से आई टीम के बारे में साक्ष्य एकत्रित कर रही है। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि दोनों संचालकों के अलावा दिल्ली में अली की पत्नी से भी पूछताछ की गई है। एक टीम मेरठ और दूसरी गाजियाबाद में सक्रिय है। जल्द ही कुछ न कुछ नया मामला सामने आएगा।