कानपुर में उर्सला इमरजेंसी के बाहर मंगलवार दोपहर ढाई बजे नवाबगंज की फूलमती (74) के परिजन चिल्लाते रहे ‘अम्मा को बचाओ, कहां मिलेगा वेंटिलेटर बताओ’। लेकिन वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं हो पाई। बुखार से फूलमती की हालत गंभीर हो गई। सिविल लाइंस के एक निजी अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी गई।
परिजन उन्हें लेकर उर्सला पहुंचे लेकिन यहां के एक वेंटिलेटर पर पहले से ही मरीज भर्ती था। स्वास्थ्य कर्मियों ने जब वेंटिलेटर न होने की जानकारी दी तो परिजन बिलख पड़े। इसके बाद निजी एंबुलेंस से मरीज को लेकर रवाना हो गए।