नए भवन का निर्माण पीएचसी परिसर में ही करवाया गया, जो एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है। भवन बनकर तैयार हो जाने के बाद भी अभी तक पुराने भवन में ही इलाज किया जा रहा है।
पुराने जर्जर भवन की छत में काफी समय से दरारें आ चुकी हैं। इसके चलते बारिश या छत में रखी टंकी ओवरफ्लो होने पर पानी रिसकर गलियारे में भर जाता है।
इसके चलते मरीजों को बरामदे में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कस्बाई लोगों की ओर से बनकर तैयार सीएचसी के नए भवन में ही उच्चीकृत होने तक अस्थाई पीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाने की मांग की जा रही है।
पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि समस्या के बावत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जनवरी माह में नए सीएचसी भवन में अस्थाई पीएचसी संचालित होने की उम्मीद है।