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सात दिन बीते, नहीं सुधरी बिजली

Tue, 31 May 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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एमडी के न मिलने पर केस्को मुख्यालय में गार्डों से भिड़ते कांग्रेसी।  - फोटो : amarujala
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कानपुर। तूफान आने से बिगड़ी बिजली आपूर्ति की चाल सात दिन बाद भी नहीं सुधर सकी है। बिठूर के छह गांवों में अभी भी अंधेरा कायम है। बिजली न मिलने से गुस्साए लोगों ने मंधना सब स्टेशन पर इंजीनियरों को घेर लिया। जाजमऊ, संजय नगर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण सब स्टेशन और वाजिदपुर की बिजली देर रात तक व्यवस्थित होने का दावा किया गया था। अन्य स्थानों पर भी फाल्ट से घंटों बिजली नहीं रही।
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बिठूर सब स्टेशन से जुड़े सिंहपुर और ज्यादातर हिस्सों में सोमवार को बिजली आपूर्ति चालू हो गई थी। आधा दर्जन गांवों में रात तक बिजली नहीं आई थी। दावा किया गया था कि देर रात इन गांवों में भी आपूर्ति चालू हो जाएगी। 23 मई को आए तूफान के कारण रूमा से जाजमऊ में 46 खंभे गिर गए थे। इससे जाजमऊ, संजय नगर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण सब स्टेशन और वाजिदपुर सब स्टेशन प्रभावित थे। इन सब स्टेशनों को वैकल्पिक रूप से कृष्णा नगर से आपूर्ति दी जा रही थी। इस कारण लो वोल्टेज और स्थानीय स्तर पर कटौती की जा रही थी। दावा किया गया कि सोमवार देर रात यहां की आपूर्ति पहले की तरह चालू हो जाएगी। सोमवार को केबल बॉक्स डैमेज होने से सुबह 6:50 से 9:25 बजे तक हैरिसगंज में बिजली नहीं रही। मालरोड की बिजली सुबह 7:25 से 10 बजे तक नहीं रही। पाडुंनगर में सुबह 8:50 से 10:05 बजे तक शट डाउन लिए जाने से बिजली नहीं रही। आजाद नगर की बिजली शट डाउन के कारण सुबह दस से दोपहर एक बजे तक नहीं रही।
आज इन मोहल्लों में बिजली नहीं
कानपुर। तारों को छू रही पेड़ों की टहनियां काटे जाने के कारण मंगलवार को सुबह 10 से शाम चार बजे तक विष्णुपुरी, आजाद नगर, पुराना कानपुर की बिजली गुल रहेगी। पांडुनगर, शिवाजी नगर, मॉडल टाउन, रंजीत नगर की बिजली सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक नहीं रहेगी।  
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करंट से मौत पर ले सकते हैं मुआवजा
कानपुर। केस्को या दक्षिणांचल की लापरवाही से करंट से मौत या झुलसने पर मुआवजा लिया जा सकता है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि किसी भी तरह के हादसे पर फजलगंज स्थित विद्युत सुरक्षा विभाग में परिजन या झुलसा हुआ व्यक्ति मुआवजे के लिए अर्जी दे सकता है। विद्युत सुरक्षा विभाग का इंजीनियर मौका-मुआयना कर देखता है कि हादसा केस्को या दक्षिणांचल के कारण हुआ है या नहीं। अगर संबंधित डिस्काम दोषी होते हैं तो मुआवजे की राशि तय कर पीड़ित या पीड़ित परिवार को दी जाती है। 
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