सचिव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी
केडीए उपाध्यक्ष विशाख जी ने सचिव शत्रोहन वैश्य को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस दौरान नियोजन विभाग से भी जांच कराई गई। नियोजन विभाग की आख्या के अनुसार एनआरआई सिटी की जिस जमीन पर ग्रुप हाउसिंग का नक्शा पास किया गया है।
केडीए ने पहले आपत्ति भी लगाई थी
वह जमीन महायोजना-2021 के अनुसार ग्रीनबेल्ट में ही है और मौजूदा समय में यही महायोजना प्रभावी है। रॉयल पॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के सिंहपुर कछार (मैनावती मार्ग) में 25000 वर्गमीटर शैक्षिक जमीन पर व्यावसायिक नक्शा स्वीकृत करने से पहले उस पर केडीए ने आपत्ति भी लगाई थी।
जमीन का भूउपयोग शैक्षिक माना था
नक्शे के ऑनलाइन आवेदन पर आपत्ति लगाते हुए तब कहा गया था कि शासन ने 1996 के गजट नोटिफिकेशन से इस जमीन का भूउपयोग शैक्षिक करा लिया है। केडीए बोर्ड ने भी इसका भूउपयोग शैक्षिक माना था। लेकिन इसके बाद में 1 फरवरी को इसी जमीन पर व्यावसायिक नक्शे को स्वीकृति दे दी गई।
इन अधिकारियों ने स्वीकृत किया था ग्रीनबेल्ट में ग्रुप हाउसिंग नक्शा
अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, नगर नियोजक अजय कुमार सिंह, नगर नियोजक का काम देख रहे अधिशासी अभियंता आरके पांडेय, सहायक अभियंता एसपी जायसवाल, अवर अभियंता रामाशीष शर्मा और जेई सुरेश कुमार पांडेय ने एनआरआई सिटी के नक्शे का परीक्षण किया था और केडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने इसे स्वीकृत किया था।
इन्होंने पास किया था शैक्षिक जमीन पर व्यवसायिक नक्शा
इन नक्शे का परीक्षण अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा, नगर नियोजक अजय कुमार सिंह, सहायक अभियंता एसपी जायसवाल और अवर अभियंता रामाशीष शर्मा ने किया था और इसे तत्कालीन केडीए वीसी अरविंद सिंह ने स्वीकृत किया था।
एनआरआई सिटी का ग्रीन बेल्ट में स्वीकृत हुआ ग्रुप हाउसिंग और सिंहपुर कछार की शैक्षिक जमीन पर स्वीकृत हुआ व्यावसायिक नक्शा निरस्त कर दिया गया है। जांच में पता चला कि ये दोनों नक्शे नियमों के विपरीत स्वीकृत किए गए थे। -शत्रोहन वैश्य, सचिव, केडीए