नोटिस वितरण से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक की प्रक्रिया पर दिया गया प्रशिक्षण
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माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर।
विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के तहत आगामी नोटिस एवं सुनवाई चरण को सुचारु, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला प्रशासन की तरफ से बीएलओ, सुपरवाइजर एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें उनके सभी भ्रम, और परेशानियों को दूर किया गया।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में 211 कल्याणपुर, 212 गोविन्द नगर और 216 कानपुर कैंट विधानसभा क्षेत्रों के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बताया की
नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस किस प्रकार, किस समय और किस प्रारूप में वितरित किए जाएंगे, इसकी जानकारी दी गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि नोटिस वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य होगा।
मतदाताओं से प्राप्त आपत्तियों व जवाबों की सुनवाई के दौरान किन दस्तावेजों को मान्य माना जाएगा और प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण किस समय-सीमा में किया जाएगा, इस पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि किसी भी अपूर्ण या संदिग्ध दस्तावेज को बिना पुष्टि स्वीकार न करें। ड्राफ्ट मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं की फोटो में त्रुटि सुधार के लिए बीएलओ एप के माध्यम से फोटो सही करेंग।
प्रशिक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि नोटिस वितरण, सुनवाई और अभिलेख सत्यापन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का सही से पालन करने के निर्देश दिए गए।