कानपुर देहात। कृषि विभाग ने फार्म मशीनरी बैंक के संचालकों का नंबर सार्वजनिक कर किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि इन नंबरों से संपर्क कर पराली का निस्तारण कर सकते हैं। पराली को मिट्टी में मिलाकर खाद बनाई जा सकती है।
कृषि विभाग से लेकर जिला प्रशासन फसल अवशेष जलाने की घटना को रोकने में प्रयासरत है। इसके बावजूद अवशेष जलाने की घटना हो रही है। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया कि जिले में 19 घटनाएं हो चुकी है। 25 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। एक कंबाइन मशीन जब्त किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पराली को मिट्टी में मिलाकर खाद बनाई जा सकती है। किसानों की आमदनी बढ़ेगी। शुक्रवार को विभाग की ओर से जिले के 56 फार्म मशीनरी बैंक संचालकों के नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। किसान इन नंबरों पर संपर्क कर इन सीटू यंत्रों को किराए पर ले सकता है। जिससे पराली निस्तारण हो सकेगा।
फसल अवशेष जलाने में तीन लोगों पर रिपोर्ट
कानपुर देहात/राजपुर। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र और एसपी केशव कुमार चौधरी ने शुक्रवार सभी एसडीएम व सीओ को भ्रमण करने और पराली जलाने के मामलों में कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएम व एसपी खुद भ्रमण पर निकले। बिहारी गांव के पास खेत में पराली जलती मिलने पर उन्होंने एसडीएम सदर आनंद कुमार सिंह को कार्रवाई का निर्देश दिया। एसडीएम ने किसान से 2500 रुपये जुर्माना वसूला।
पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ता है। एनजीटी इसको लेकर सख्त है। सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। अंधेरे में भी पराली जलाने पर सेटेलाइट सही लोकेशन देता है। गुरुवार की देरशाम राजपुर ब्लॉक के खासबरा गांव निवासी गोविंद बिहारी ने डेढ़ बीघा बाजरे का अवशेष खेत में जला दिया। जबकि मुजफ्फरपुर निवासी किसान योगेंद्र कुमार ने दो बीघा मक्का का अवशेष, संदलपुर ब्लॉक के दनियापुर निवासी नरेंद्र सिंह ने ढाई बीघा धान का फसल अवशेष खेत पर जला दिया। सिकंदरा तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने बताया कि तीनों किसानों से साढ़े सात हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। वहीं तीनों किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इधर, मैथा तहसील के बैरी दरियाव गांव में किसान मनू मिश्रा को पराली जलाते पकड़ा गया। एसडीएम रामशिरोमणि ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया था। ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। किसान ने अनजाने में पराली जलाने की बात कही है। उसे चेतावनी दी गई है।