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Panki Theft: राजस्थानी गैंग के शातिर ले गए 3.92 करोड़ की निकिल प्लेटें, पुलिस ने हरियाणा से पांच आरोपी उठाए

Tue, 25 Mar 2025 04:21 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पड़ताल में पता चल रहा है कि इसमें राजस्थानी गिरोह का हाथ है। चोरी के बाद माल सीधे गुजरात गया। इसके बाद टीम के सदस्य इधर उधर हो गए हैं। माल बिका है या अभी नहीं इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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लॉजिस्टिक पार्क पनकी में चोरी के बाद हर गाड़ी की अच्छी तरह हो रही चेकिंग। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पनकी लॉजिस्टिक पार्क प्राइवेट लिमिटेड में 3.92 करोड़ की निकिल प्लेटें चोरी की घटना को अंतर्राज्यीय राजस्थानी गैंग ने अंजाम दिया है। गैंग के शातिरों ने गुजरात माल पहुंचाया है। उधर, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हरियाणा के एक होटल से पांच शातिरों को उठाया है। पुलिस की टीमें गुजरात में भी लगी है। पुलिस माल बरामद करने के प्रयास में जुटी है। घटना से तीन दिन पहले 12 मार्च को बाइक सवार दो शातिरों ने लॉजिस्टिक पार्क की रेकी की थी। वे बाइक से आए अंदर भी गए और बाहर आकर सिगरेट पी। इनकी फोटो सीसीटीवी में कैद हैं।

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पनकी लॉजिस्टिक पार्क प्राइवेट लिमिटेड में 16 मार्च की रात को 3.92 करोड़ की निकिल प्लेटें चोरी हुई थी। इसमें असिस्टेंट मैनेजर नीलेश तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें दो आरोपी कंटेनर को बाहर ले जाते हुए दिख रहे थे। पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि आरोपियों का पूरा गैंग है। घटना से तीन दिन पहले 12 मार्च को रात 10 से 11 बजे के बीच में दो संदिग्ध युवक पनकी लॉजिस्टिक पार्क आते हैं। वो अंदर भी जाते हैं, बाहर खड़े होकर दुकान पर सिगरेट भी पीते हैं। उनकी फोटो सीसीटीवी में कैद है। इसके बाद शातिराना अंदाज में घटना को अंजाम दिया गया।

माल बिका है या अभी नहीं…इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं
पुलिस ने कंपनी के बाहर दुकानदार और उसके बेटे से भी पूछताछ की है। कंपनी के करीब 40 लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए थे। जिस समय घटना हुई तब करीब 40 सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर तैनात थे। सभी संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल निकलवाई गई है। उनसे परतें खुल रही हैं। पड़ताल में पता चल रहा है कि इसमें राजस्थानी गिरोह का हाथ है। चोरी के बाद माल सीधे गुजरात गया। इसके बाद टीम के सदस्य इधर उधर हो गए हैं। माल बिका है या अभी नहीं इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। एसीपी पनकी शिखर ने बताया कि टीमें लगी है,  जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।

यह है माल को भेजने की प्रक्रिया
लॉजिस्टिक पार्क में कस्टम विभाग की टीम भी तैनात रहती है। यहां आने वाले किसी भी कंटेनर का नियम है। सबसे पहले कस्टम विभाग कंटेनर में रखे सामान की जांच करता है। इसके बाद क्लीयरेंस देता है। इसके बाद कस्टम हाउस एजेंट यहां से क्लीयरेंस की कॉपी लेकर कानपुर लॉजिस्टिक पार्क के अधिकारियों को देता है। इस गेट पास में कौन सा कंटेनर किस ट्रक में जाएगा और कौन सा ड्राइवर इसे ले जाएगा। सब दर्ज होता है। इसके बाद गेट पास एक्जिट डिपार्टमेंट के पास जाता है। यहां से निर्देश मिलने के बाद हाइड्रोलिक मशीन से ट्रक पर कंटेनर रखते हैं।
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तीन राउंड में हो रही चेकिंग
लॉजिस्टिक पार्क में 500 से अधिक कर्मचारी हैं। यहां तीन राउंड में कर्मचारियों की चेकिंग हो रही है। कर्मचारियों को बाहर आने पर भी रोक लगी है। कर्मचारी दो बार से ज्यादा बाहर नहीं आ सकते है। हर बार बाहर आने पर आउट और दोबारा अंदर जाने पर इन किया जा रहा है।
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