बटन दबाकर प्लांट को चालू किया
कंट्रोल रूम में बैठे स्टाफ मॉनीटर की मदद से उसको संचालित कर सकेंगे। इससे पहले प्लांट के सीजीएम जीके मिश्रा ने प्लांट का बटन दबाकर उसे चालू किया था। प्रबंध निदेशक रणवीर प्रसाद, बीएचईएल के नवीन सक्सेना, वीरेंद्र सिंह, केके समेले, अजय द्विवेदी, मनोज चौधरी, पुनीत शर्मा आदि मौजूद रहे।
20 दिन में तैयार होगी कनवेयर बेल्ट
प्लांट में रेलवे की लाइन पहले ही पड़ गई थी, जबकि पिछले महीने कोयले की रैक लाने वाला इंजन भी आ गया था। अभी यहां पर रैक से कोयले को उतारने वाली कनवेयर बेल्ट को तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यह 18 से 20 दिन में बन जाएगा।
एयरोप्लेन की तकनीक पर चलता टरबाइन
सीजीएम जीके मिश्रा ने बताया कि प्लांट में सबसे महत्वपूर्ण टरबाइन, जेनरेटर और बॉयलर रहता है। ये तीनों अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं। टरबाइन एयरोप्लेन की तकनीक पर कार्य करता है। पहले दिन इसको 3000 आरपीएम की क्षमता से चलाया गया।