तो ऐसे तय होगा आरक्षण
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी ब्लॉक में ओसीबी कोटा 18 गांव का है और अन्य दस गांव कभी ओसीबी नहीं हुए हैं, तो वहां भी आबादी के अनुसार दस और गांवों को इस वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा। 2015 को आधार वर्ष मानने पर देखा जाएगा कि ब्लॉक में ऐसे कौन से गांव हैं, जो उस वर्ष के चुनाव में (2015) में एससी या ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं थे।
अब केवल एक चुनाव को आधार बनाने पर हर ब्लॉक में ऐसे गांवों की संख्या बढ़ जाएगी, जहां पिछली बार एससी या ओबीसी का आरक्षण नहीं था। ऐसे में एससी के लिए 15 गांव के कोटे वाले ब्लॉक में यदि ऐसे 50 गांव निकल गए तो उनमें से आबादी के क्रम में ऊपर से 15 गांव को आरक्षित कर दिया जाएगा। इससे पिछली बार आरक्षित कई गांव इससे मुक्त हो जाएंगे। यही हाल ओबीसी के लिए होगा, उसमें भी कई गांव अनारक्षित या दूूसरे वर्ग के लिए आरक्षित हो सकते हैं।
आरक्षण का आवंटन 2015 आधार वर्ष के अनुसार होना है। अभी इस बारे में दिशा-निर्देशों का इंतजार है। जाहिर है कि आधार वर्ष बदलने से आरक्षण में बड़े स्तर पर बदलाव होगा। अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। दिशा-निर्देशों का इंतजार है। - संदीप वर्मा, डीपीआरओ