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पंचायत चुनाव ः सपा परिवार का दबदबा

Mon, 02 Nov 2015 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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जिला पंचायत चुनाव में सत्ताधारी पार्टी सपा के समर्थक आगे रहे। कुछ सीटों पर परिणाम जारी हो गए हैं, जबकि ज्यादातर सीटों पर अभी प्रत्याशियों में आरपार की लड़ाई चल रही है।
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चुनाव में सियासी दलों के कई दिग्गज नेताओं को करारा झटका लगा है, तो कुछ के पारिवारिक सदस्यों और करीबियों को मतदाताओं ने हाथों हाथ लिया है। सपा विधायक मुनींद्र शुक्ला अपने भाई की सीट बचाने में सफल नहीं हो पाए। उनके प्रतिनिधि की पत्नी भी बसपा समर्थित प्रत्याशी साधना सिंह से पीछे थे।

रविवार को शुरू हुई मतों की गिनती में जैसे जैसे रुझान आते गए प्रत्याशियों में जीत हार का सिलसिला जारी रहा। हालांकि निर्वाचन आयोग से जीते प्रत्याशियों को औपचारिक प्रमाण पत्र देर रात तक नहीं मिला था।
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देर रात तक चली मतगणना में जिन दिग्गजों ने अपने विरोधियों को पछाड़ा उसमें देहात के निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह का नाम सबसे ऊपर है। वह दूसरी बार भी सदस्य का चुनाव जीत गए हैं।

दूसरे जीतने वालों सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान की पत्नी सीमा सचान और नगर के निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष देंवेंद्र कटियार की भाभी चुनाव जीत गईं हैं। देवेंद्र की पत्नी भी आगे चल रही है।

इसी तरह सपा के देहात इकाई अध्यक्ष कल्लू यादव के पुत्र रोहित यादव ने जीत हासिल की है। बसपा देहात इकाई के जिलाध्यक्ष जगदेव कुरील की पत्नी सरला भी मतगणना जारी रहते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी से जीत गई हैं। जिन लोगों को चुनाव में मात मिली हैँ उसमें सपा विधायक मुनींद्र शुक्ल के भाई बिठूर से क्षेत्र पंचायत का चुनाव हार गए। इसके अलावा विधायक के प्रतिनिध शिवमोहन सिंह चंदेल की पत्नी भी बसपा समर्थित साधना सिंह से पीछे चल रही है। बिठूर के बिनौर सीट से पूर्व विधायक आरपी कुशवाहा के प्रत्याशी कांग्रेस समर्थित रामेंद्र कुरील से पीछे चल रहे थे।

वहीं, हमीरपुर में जिला पंचायत जलालपुर सीट से सपा मुखिया की रिश्तेदार वंदना यादव बढ़त बनाए हुईं थीं। कानपुर देहात में रात नौ बजे तक 312 प्रत्याशियों के नतीजे घोषित किये जा चुके थे। जबकि, जिला पंचायत चुनाव की किसी प्रत्याशी ने नतीजे नहीं आ सके थे। फतेहपुर में बहुआ ब्लाक में मतगणना आधा घंटे तक बाधित रही। कर्मचारियों ने दोपहर का भोजन न मिलने से काउंटिंग का बहिष्कार किया था। वहीं उन्नाव में बदइंतजामी व अफरातफरी के बीच मतगणना दो घंटे देर से शुरू हुई।

नवाबगंज में दो प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। पुलिस ने दोनों को मतगणना केंद्र से भगा दिया। उन्नाव के ही हसनगंज में मतदान के बाद मरी महिला को सबसे ज्यादा मत मिले। बीडीसी पद की महिला प्रत्याशी की दो दिन पहले मौत हो गई थी। फर्रुखाबाद के कमालगंज में मतगणना कर्मचारी फर्जी काउंटिंग करते पकड़ा गया। जिला पंचायत प्रत्याशी की शिकायत पर आरओ ने उसे हटा दिया। डीएम व एसपी ने फटकारा, जेल भेजने की चेतावनी भी दी।
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