एक जमाने की मशहूर फिल्म के गाने के बोल थे, दिल है कि मानता नहीं...। राजनीतिक लिहाज से जिले के हालातों पर इसमें थोड़ा सा संशोधन कर दें तो बोल सटीक बैठेंगे। दिल है कि भरता नहीं...। हरदोई जिले के एक रसूखदार परिवार के साथ कुछ ऐसा ही है।
परिवार का एक सदस्य देश की सबसे बड़ी पंचायत में है, तो दो सदस्य सूबे की सबसे बड़ी पंचायत में हैं। बावजूद इसके गंवई राजनीति पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने देना चाहते। इसलिए प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर भी दावा कर दिया।
मामला कोथावां ब्लाक के ग्राम शाहपुर अटिया से जुड़ा है। बालामऊ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राम पाल वर्मा प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में वह आठवीं बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं।
रामपाल वर्मा के भतीजे और इलाके में पासी समाज के कद्दावर नेता रहे कुबेर लाल के पुत्र प्रभाष कुमार सांडी से भाजपा विधायक हैं। प्रभाष पूर्व में कोथावां के ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। रामपाल वर्मा के ही दूसरे भतीजे अशोक कुमार रावत मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं।