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पहलगाम हमला: शुभम की तस्वीर से बातें करती रहीं दादी, बोली- मेरा तो बस वही नाती…हमको छोड़कर चला गया

Fri, 25 Apr 2025 11:01 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: शुभम की दादी ने कहा कि मैंने कहा था..शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें, फिर चैन से मरूंगी। हम तो चाहते थे उसका घर बस जाए, दो महीने पहले ही तो शादी हुई थी। अब किस्मत ने सब छीन लिया।
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रोती हुईं शुभम की दादी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कश्मीर के पहलगाम घूमने गए हाथीपुर के युवक शुभम द्विवेदी की जिंदगी का सफर अचानक दर्दनाक मोड़ पर थम गया। पहलगाम की जैसरन घाटी में आतंकियों ने मंगलवार को शुभम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार रात को शुभम का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा था।

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शीशे में बंद पार्थिव शरीर से लिपटकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और सबसे ज्यादा टूटी 85 साल की दादी विमला देवी दिखीं। वो पोते की तस्वीरें देखकर कह रहीं थीं कहा चला गया मेरा लाल, मैने ही शादी की जिद की थी। वो हमसे पहले चला गया।

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शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें
दादी बोलीं, मैंने कहा था..शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें, फिर चैन से मरूंगी... ये बात विमला देवी ने कई बार अपने पोते शुभम द्विवेदी से कही थी, जिसके बाद शादी की थी। हम तो चाहते थे उसका घर बस जाए, दो महीने पहले ही तो शादी हुई थी। अब किस्मत ने सब छीन लिया।

बार-बार शुभम के कमरे की ओर जातीं रहीं दादी
मेरा तो बस वही नाती था। शुभम अपने परिवार का सबसे चहेता था, चाची, बुआ, माता-पिता सबको छोड़कर चला गया। घर पर बुजुर्ग दादी विमला देवी बार-बार शुभम के कमरे की ओर जातीं, कभी खामोश खड़ी हो जातीं थी, कभी लौटकर कहतीं कि अब वो नहीं है।
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शादी के एल्बम के पन्ने लग रहे हैं भारी
कोई बात नहीं करता…अब उस कमरे से। उनके चेहरे की झुर्रियों में ग़म गहराता जा रहा था। दादी ने बताया उनकी पत्नी एशान्या अब भी सदमे में हैं, एक शब्द नहीं कह पा रहीं। शादी के एल्बम के पन्ने अब भारी लगते हैं, और जिंदगी जैसे वहीं रुक गई हो।
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