कानपुर देहात। जिले में धान की सरकारी खरीद एक नवंबर से शुरू होनी थी। इसके लिए 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को सभी क्रय केंद्र खुले। अलबत्ता पहले दिन कोई किसान धान लेकर क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचा।
इससे धान खरीद की बोहनी तक नहीं हो सकी। पहले दिन क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसान जानकारी करने के बाद लौट गए। जिला खरीद अधिकारी व जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य कामन धान 1940 रुपये प्रति क्विंटल व ग्रेड ए धान 1960 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से क्रय की जानी है।
अकबरपुर व मैथा तहसील में 4-4, डेरापुर में 10, रसूलाबाद व भोगनीपुर में 6-6, सिकंदरा में 5 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को पहले दिन किसान क्रय केंद्रों पर पहुंचे लेकिन कोई धान लेकर नहीं आया।
अकबरपुर में उपमंडी स्थल पर दुर्गापुरवा के रमाकांत, जगजीवनपुर के मदन ङ्क्षसह व मंगटा के सचिन आदि पहुंचे और क्रय केंद्र प्रभारी लवदीप सोनी से जानकारी ली। यहां केंद्र प्रभारी ने छह किसानों को टोकन दिए।
डेरापुर के जगदीशपुर गांव में क्रय केंद्र पर बिरिया के महिपाल, जगदीशपुर के श्रवण कुमार, डेरापुर के नरेश कुमार, उदनापुर के सीताराम व जगदीशपुर के बलवान सिंह पहुंचे और केंद्र प्रभारी राकेश त्रिपाठी से जानकारी कर लौट गए। इधर जिला खरीद अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदम्बा प्रसाद ने अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र का निरीक्षण किया।
यहां एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला भी मौजूद रहे। एडीएम ने किसानों ने वार्ता कर जल्द से जल्द धान की खरीद शुरू करने के निर्देश क्रय केंद्र प्रभारी को दिए। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने रनियां, अकबरपुर व पुखरायां क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि किसानों से वार्ता की गई है। दीपावली के बाद किसान धान लेकर क्रय केंद्र पर आएंगे।