कार्डियोलॉजी विभाग में लगभग 600 से 800 मौत हुईं
कहा था कि पेसमेकर घोटाले की घटना बेहद गंभीर है। सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर के कार्यकाल के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग में लगभग 600 से 800 मौत हुईं। पेसमेकर के अलावा काफी मरीज को हार्ड के स्टैंड भी डाला गया। बताया गया जहां एक स्टैंड की जरूरत थी, वहां पांच-पांच डाला करता था।
लौट कर कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज करा देता था
मरीज के डिस्चार्ज के बाद जब मरीज एक सप्ताह के बाद वापस आने पर उसे दौरान वह मरीज का बिल रिटर्न कर देता था। बदले में वह 60 प्रतिशत रुपये लेता था। डॉ. समीर सरार्फ जिन कंपनियों के पैसे से विदेश में घूमा है अपने साथ पत्नी भी ले जाता था। इस अवधि में विदेश यात्रा करता था, लौट कर कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज करा देता था।