70 टन ज्यादा था भार
चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक संदिग्ध डंपर को रोककर उसका वजन कराया, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। डंपर में निर्धारित क्षमता से करीब 70 टन अधिक भार लदा हुआ था। इतनी भारी मात्रा में ओवरलोडिंग न केवल सड़क को नुकसान पहुंचा रही थी, बल्कि गंभीर सड़क हादसे को भी न्यौता दे रही थी। मौके पर ही आरटीओ विभाग ने वाहन के दस्तावेजों की जांच की और भार मानकों के उल्लंघन पर भारी-भरकम चालान काट दिया।
संयुक्त टीम का 'हल्ला बोल'
प्रशासन की इस कार्रवाई का नेतृत्व खनन अधिकारी विशिष्ट कुमार यादव और बेला थाना अध्यक्ष गंगादास गौतम ने किया। आरटीओ विभाग की टीम और पुलिस बल ने मिलकर बेला के मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी कर चेकिंग की। जैसे ही इस भारी जुर्माने की खबर फैली, क्षेत्र में ओवरलोडिंग कर रहे अन्य वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन चालक अपने डंपर रास्तों में ही छोड़कर भागते नजर आए।
अधिकारियों की चेतावनी: जारी रहेगा अभियान
खनन अधिकारी विशिष्ट कुमार यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यातायात नियमों और खनन मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बेला थाना अध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि सड़कों की सुरक्षा और हादसों को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।