रूरा रेलवे ओवर ब्रिज के लिए निर्माणाधीन पिलर।
- फोटो : AKBARPUR
झींझक/रूरा (कानपुर देहात)। दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन पर झींझक और रूरा में ओवर ब्रिज बनने से लोगों को सहूलियत होगी। रेलवे ट्रैक पर होने वाले हादसे कम होंगे। जाम से निजात मिलेगी। यातायात में समय की बचत होगी। उप मुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार शाम लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न रेलवे ओवर ब्रिज परियोजना का शिलान्यास किया। कानपुर के सर्किट हाउस में कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक निर्मला संखवार ने कानपुर देहात के दोनों पुलों का बटन दबाकर शिलान्यास किया।
रूरा पुल
रूरा में 38.33 करोड़ रुपये की लागत से 32 पिलर पर 945 मीटर लंबाई का पुल बनाने को काम हो रहा है। इस पुल का काम दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य है। लॉकडाउन के कारण काम तीन माह बंद रहने से यह अवधि बढ़ने की संभावान है।
झींझक पुल
झींझक में 26 करोड़ से 15 पिलर पर 750 मीटर लंबाई का पुल बनाया जा रहा है। यह पुल साढ़े सात मीटर चौड़ा होगा। पुल का काम पूरा करने का समय भी दिसंबर 2021 रखा गया है। लॉकडाउन के कारण काम बंद रहने से इसका काम तय समय में पूरा होना मुश्किल होगा।
दो पुल मिलने से लोगों में खुशी
झींझक के मोनू कमल ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से आए दिन क्रासिंग पर लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा। कई बार एंबुलेंस क्रासिंग बंद होने पर फंस जाती है। गर्मी में घंटों जाम में फंसने से परेशानी होती है। पुल बनने से समस्या नहीं रहेगी। अनमोल गुप्ता ने कहा कि ओवरब्रिज बनना बहुत जरूरी था। इससे जाम की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। रूरा के चश्मा दुकानदार पद्मेश मिश्र ने कहा कि पुल का ढाल शुरू होते ही दीवार बनाई जाएगी। इससे बाजार प्रभावित होगा। हालांकि पुल बनने से जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा। कपड़ों के दुकानदार अजय ने बताया कि मुख्य मार्ग पर ही लगने वाला जाम समस्या बनता है। पुल बनने से बेरोकटोक आवाजाही हो सकेगी। ट्रैक पर होने वाले हादसे भी रुकेंगे।