केंद्रीय और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पांच दिनों की 24 घंटे हुई जांच में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) ने बुधवार को कड़ा फैसला सुनाया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उन्नाव और बंथर की 78 टेनरियों को बंद करने का आदेश जारी किया है।
इन दोनों स्थानों पर संचालित टेनरियाें में मानकों की खूब अनदेखी की जा रही थी। जाजमऊ क्षेत्र की 260 टेनरियां पहले से ही बंद हैं। सिर्फ 28 ही चल रही हैं, जो बोर्ड की जांच में खरी उतरीं। टीम ने इनके मानक तो सही पाए लेकिन बंद टेनरियों को खोलने के लिए कोई फैसला नहीं दिया।
एनजीटी के आदेश से साफ है कि केंद्र और यूपी सरकार टेनरियों को गंगा किनारे संचालित करने को लेकर तैयार नहीं है। उन्नाव और बंथर की टेनरियों का कचरा भी नालों के जरिए गंगा में ही आता है। यह बात जांच में पता चली है। दिल्ली में करीब दो घंटे से अधिक चली सुनवाई में एनजीटी चेयरमैन एके गोयल ने कहा कि मानक नहीं पूरे करने वाली टेनरियों को चलने नहीं दिया जाएगा।
इसके लिए उन्होंने यूपी के मुख्य सचिव को इस मामले में रिपोर्ट देने को कहा है। बंथर, उन्नाव और जाजमऊ में इस समय कुल 106 टेनरियां चल रही हैं। बाकी पर कुंभ आयोजन के समय से ही तालाबंदी है। संचालित टेनरियों की पिछले दिनों हर घंटे की जांच के बाद 30 सैंपल इकट्ठा किए गए थे। जिसकी रिपोर्ट बोर्ड की केंद्र और यूपी की प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद एनजीटी को सौंपी गई थी।
इसी रिपोर्ट पर एनजीटी ने सुनवाई के बाद यह फैसला दिया है। उन्नाव में 40 और बंथर में 38 टेनरियां संचालित हैं। जांच रिपोर्ट में यहां की टेनरियों के पानी में प्रति लीटर क्रोमियम की मात्रा दो मिलीग्राम (मानक) से अधिक पाई गई है। बंदी के आदेश पर अमल करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम ने बताया कि टेनरियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है।