कानपुर। न्यू कानपुर सिटी की प्रस्तावित व महर्षि दयानंद विहार योजना से एक अड़चन और दूर हो गई है। इनमें अर्बन सीलिंग की करीब 45.14 करोड़ कीमत की जमीनों से संबंधित दस साल पुरानी याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने कानपुर विकास प्राधिकरण के पक्ष में आदेश पारित किया है। कोर्ट ने इन योजनाओं को लेकर दाखिल की गईं दोनों याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
केडीए के विशेष कार्याधिकारी (विधि) सत शुक्ला ने बताया कि शील कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट में भूमि को सीलिंग से मुक्त करने की याचिका दाखिल की थी। यह याचिका ग्राम अकबरपुर बांगर की आराजी संख्या-741, 652, 840, 1011, 869, 876, 877 व 882 से संबंधित है जिस पर प्राधिकरण की ओर से महर्षि दयानंद विहार योजना लॉन्च की गई है। इसी तरह, दूसरी याचिका मौजा बैरी अकबरपुर कछार की आराजी संख्या-531, 607, 698, 1053, 1053/2 व 777 से संबंधित है जिस पर न्यू कानपुर सिटी योजना प्रस्तावित है। दोनों याचिकाओं में शामिल भूमि का कुल क्षेत्रफल करीब 10499.97 वर्ग मीटर है। सर्किल रेट 43,000 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से यह भूमि कुल 45 करोड़ 14 लाख 57 हजार रुपये की हुई। इन दोनों ही याचिकाओं पर हाईकोर्ट से 14 अगस्त को प्राधिकरण के पक्ष में फैसला सुनाया गया। अब इन योजनाओं में कोई विधिक बाधा नहीं है।