उसका पिता शिवकुमार (70), मां सुशीला (65), पत्नी सुनीता, बेटी मोना देवी (16), बेटा तरुण (14) गांव में रहते हैं। गुरुवार की रात बेटी मोना को उल्टी दस्त होने लगी, तो परिजनों ने उसका झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवा दिया। सुबह जब वह शौच क्रिया के लिए गई थी, तभी उसकी शौचालय में ही मौत हो गई। परिजनों ने उसे पड़ा देखा, तो घर में कोहराम मच गया। जानकारी पर कुछ देर बाद दादा की भी मौत हो गई।
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फूड पॉइजनिंग के कोई लक्षण नहीं मिले
बताया कि उन्हें भी उल्टी दस्त की समस्या थी। कुछ देर बाद दादी व पौत्र की भी हालत बिगड़ने लगी। इस पर परिजन नाती तरुण की गंभीर हालत देखते हुए से मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जानकारी पर डीएम राजेश कुमार पांडे एसपी डॉक्टर दुर्गेश कुमार मौके पर पहुंचे और डॉक्टर से जानकारी ली। डॉक्टर ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। बच्चे को उल्टी दस्त की समस्या है। फिलहाल गांव में स्वास्थ्य टीम को भेज दिया गया है जो जांच कर रही है।