उरई जिले के कोटरा कस्बे में शुक्रवार की सुबह सूरज तो रोज की तरह निकला, लेकिन तीन घरों में अंधेरा छोड़ गया। जिन बेटों के लौटने का इंतजार मांएं रातभर करती रहीं, उनकी मौत की खबर घर पहुंची। देखते ही देखते खुशियों से भरे आंगन चीख-पुकार से गूंज उठे। मुहर्रम का जलसा देखने गए तीन युवक घर तो लौटे, लेकिन कफन में लिपटकर।
एट से ताजिया और छड़ देखकर लौट रहे अरबाज शाह, सोराब खान और बरकत शाह उर्फ अनीस को क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। रात करीब दो बजे कोटरा पहुंचने से कुछ ही पहले तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को रौंद दिया। सड़क पर बिखरे खून के निशान और टूटी बाइक इस बात की गवाही दे रहे थे कि मौत कितनी बेरहमी से आई थी।
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रातभर दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठी थीं मांएं
सबसे दर्दनाक दृश्य उन घरों में था, जहां मांएं रातभर दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठी थीं। किसी को उम्मीद थी कि बेटा आते ही खाना मांगेगा, कोई सोच रही थी कि सुबह उठकर काम पर जाएगा। लेकिन कुछ ही देर बाद घरों में पुलिस पहुंची और फिर जो हुआ, उसे देखकर पत्थर दिल इंसान की आंखें भी नम हो जाएं। अरबाज शाह दो भाई थे।
एक पल में सब खत्म हो गया
वह बाइक मिस्त्री था और मेहनत करके अपने परिवार के सपनों को पूरा करना चाहता था। उसके हाथों में हुनर था और आंखों में भविष्य के सपने। लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया। सोराब खान भी बाइक मिस्त्री था। कस्बे में लोग दोनों दोस्तों की मिसाल देते थे। अरबाज और सोराब की दोस्ती ऐसी थी कि अक्सर दोनों साथ दिखाई देते थे।
आंखों के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे
बरकात शाह उर्फ अनीस ट्रक चलाता था। घर की जिम्मेदारियों का बोझ उसके कंधों पर था। वह कमाकर परिवार का सहारा बन रहा था। बरकात और सोराब फुफेरे भाई थे। सोराब की मां मुन्नी देवी बेटे की तस्वीर को सीने से लगाकर बार-बार बेसुध हो रही थीं। बरकात की मां नफीसा की आंखों के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे थे।
आखिर हमारे बच्चों का कसूर क्या था?
परिजनों की जुबान पर बस एक ही सवाल था। आखिर हमारे बच्चों का कसूर क्या था? कस्बे के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने वर्षों में ऐसा दर्दनाक मंजर नहीं देखा। एक साथ तीन जनाजे उठे तो पूरे कोटरा की आंखें नम हो गईं। हर कोई खामोश था, हर चेहरा गम में डूबा था। ऐसा लग रहा था मानो पूरे कस्बे ने अपने बेटे खो दिए हों।
ये था पूरा मामला
कोटरा थाना क्षेत्र के एट-कोटरा मार्ग पर शुक्रवार देर रात मौरंग से भरे तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल दिया। हादसे में फुफेरे भाइयों समेत दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक ने ग्वालियर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
मौरंग से भरे डंपर ने बाइक को रौंदा
कोटरा कस्बा के मोहल्ला गणेशजी निवासी बरकत (22), सोराब खान (23) व मोहल्ला तालपुरा निवासी अरबाज शाह (20) बृहस्पतिवार की रात एट में निकले मुहर्रम के ताजिया और छड़ देखने गए थे। देर रात करीब दो बजे तीनों एक ही बाइक से कोटरा लौट रहे थे। इसी दौरान एट-कोटरा मार्ग पर मौरंग से भरे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
फुफेरे भाइयों समेत तीन की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। हादसे में बरकात और सोराब खान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अरबाज गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इलाज के दौरान हो गई मौत
घायल अरबाज को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुहर्रम के मातमी माहौल में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे कस्बे को गमगीन कर दिया है। बताया गया कि बरकत और सोराब खान आपस में फुफेरे भाई थे।
हेलमेट नहीं लगाए थे बाइक सवार
सीओ राजीव कुमार शर्मा का कहना है कि हादसे के समय बाइक सवार युवकों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। घटना के बाद चालक भाग गया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और मुकदमा दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।