गोहन थाना क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुरा में 22 जून को नलकूप पर सोते समय हुई 75 वर्षीय किसान गिरजा शंकर तिवारी की अंधी हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 58 दिन बाद सुलझा लिया है। इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी जिले इटावा के बिठौली निवासी आरोपी राजू दुबे उर्फ राजकुमार दुबे (50) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना आलाकत्ल डंडा भी बरामद कर लिया गया है।
चारपाई पर मिला था रक्तरंजित शव
मामला 22 जून का है, जब पृथ्वीपुरा गांव निवासी गिरजा शंकर तिवारी अपने खेत स्थित नलकूप पर रखवाली के लिए सो रहे थे। सुबह जब उनका पुत्र राकेश तिवारी खेत पर पहुंचा, तो चारपाई पर पिता का खून से लथपथ शव पड़ा मिला।
शादी में हुई पिटाई से आहत था आरोपी
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी राजू दुबे ने बताया कि उसकी भांजी की शादी 19 फरवरी को हुई थी। शादी में तेल की रस्म के दौरान उसने अत्यधिक शराब पी ली थी और हंगामा करने लगा था। इस बात पर उसकी बहनोई के पिता गिरजा शंकर तिवारी ने उसे थप्पड़ों से पीट दिया था और गाली-गलौज कर भगा दिया था। इसी बेइज्जती और पिटाई का बदला लेने के लिए उसने किसान की हत्या की साजिश रची।
21 जून की रात वारदात को दिया अंजाम
आरोपी ने कबूला कि 21 जून की रात वह मौका पाकर पृथ्वीपुरा गांव पहुंचा और नलकूप पर बेखबर सो रहे गिरजा शंकर के सिर पर लकड़ी के भारी डंडे से कई वार किए। जब उसे यकीन हो गया कि वृद्ध की सांसें थम चुकी हैं, तो वह मौके से फरार हो गया।
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तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा गया आरोपी
58 दिनों तक चले गहन जांच-पड़ताल और सर्विलांस व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन के बाद पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई। क्षेत्राधिकारी और थाना पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 58 दिन बाद इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।