कानपुर। सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर में रविवार को केमिस्ट आक्रोश सम्मेलन (अस्तित्व की लड़ाई) का आयोजन रिटेल केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन, दि दवा व्यापार मंडल (थोक ) एवं फुटकर दवा व्यापार मंडल ने किया। सम्मेलन में व्यापारियों ने यूपीआई पर प्रस्तावित शुल्क और मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का फरमान का विरोध किया।
कार्यक्रम में फुटकर दवा व्यापार मंडल के महामंत्री प्रवीन कुमार बाजपेई ने कहा कि दवा खरीद का 40 से 50 फीसदी भुगतान यूपीआई के माध्यम से होता है। निरंतर घटते व्यापार से केमिस्ट का अस्तित्व खतरे में है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बीते दिनों प्रस्ताव लाया गया है। इसमें देश के हर मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे की अनिवार्यता लागू कराने का प्रावधान है। इस पर एक माह के भीतर आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं। व्यापारियों ने इसे निजता का उल्लंघन माना है।
प्रवीण ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के अगले चरण में सांसद रमेश अवस्थी को प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन साैंपा जाएगा। कार्यक्रम में दवा व्यापारी राजेंद्र सैनी, सुमित पावा, नंद किशोर ओझा, राजीव वोहरा, अरविंद नागपाल, संजय अवस्थी, नीरज शुक्ला, कमल नयन अस्थाना और इरफान अहमद मौजूद रहे।