आयुध निर्माणियों के निगमीकरण की प्रक्रिया के बीच आत्मनिर्भर अभियान और मेक इन इंडिया के तहत आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) ने लंबी छलांग लगाई है। निर्माणी ने अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई के पायलटों के लिए पैराशूट बनाने में सफलता पाई है।
शुक्रवार को आगरा के मलपुरा ड्रॉपिंग जोन में पैराशूटों का अंतिम और सफल परीक्षण किया गया। अब इसे बंगलूरू में तीन फरवरी से शुरू होने वाले इंटरनेशनल एयर शो एयरो इंडिया में ओएफबी के चेयरमैन सीएस विश्वकर्मा लांच करेंगे।
सुखोई ट्विनजेट मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। इसे रूस की विमान निर्माता कंपनी सुखोई ने विकसित किया है। भारतीय सेना के लिए लाइसेंस के तहत हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) बनाता है। सुखोई को दो पायलट उड़ाते हैं।
दोनों की सीट के नीचे लगने वाले पैराशूट को ही ओपीएफ ने बनाया है। इमरजेंसी मेें पायलट इन्हीं पैराशूट की मदद से सुरक्षित उतरते हैं। इस पैराशूट के निर्माण के लिए कई साल से निर्माणी में काम चल रहा था। कुछ समय पहले प्रोटोटाइप बनाकर परीक्षण के लिए डीआरडीओ भेजा गया था।
वहां से हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण शुरू किया गया। निर्माणी की कार्य प्रबंधक प्रशासन आईशा खान ने बताया कि सुखोई के पायलटों के लिए निर्माणी ने पैराशूट बना लिया है। अभी तक ये दूसरे देशों से आयात किए जाते हैं।