इंडियन टी20 लीग में ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले में एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) की जांच में कानपुर के एक पत्रकार का नाम सामने आया है। इसकी जिम्मेदारी सट्टेबाजी के लिए सुरक्षित जगह मुहैया करानी रहती है। इसके बदले सटोरिये उसे मोटी रकम देते हैं। यह पत्रकार अब एसटीएफ की रडार पर है।
बुधवार को एसटीएफ ने बर्रा और नौबस्ता से सटोरियों के सरगना जितेंद्र उर्फ जीतू के अलावा विवेक मिश्रा उर्फ सुमित, हिमांशु शिवहरे, आशीष शिवहरे व मोहित शिवहरे को गिरफ्तार किया था।
के ब्लॉक किदवई नगर स्थित जिस मकान से सट्टा चल रहा था, वह किराये पर था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक मकान एक पत्रकार ने सटोरियों को किराये पर दिलाया था। यहां पर सट्टा शुरू हुए तीन से चार ही दिन हुए थे, तभी एसटीएफ ने कार्रवाई कर दी।
एसटीएफ की जानकारी की माने तो पिछले कई वर्षों से यही पत्रकार जुआ व सट्टा इसी तरह से अलग-अलग जगहों पर खिलवा रहा है। पत्रकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा है।
एसटीएफ मामले से जुड़े अभी और तथ्य जुटा रही है। पता चला है कि दक्षिण क्षेत्र में जुआ व सट्टा इसी पत्रकार के संरक्षण में चलता रहा। सटोरियों के सरगना जितेंद्र के एक वकील से भी अच्छे संबंध हैं। पत्रकार सहित पुलिस ने गिरोह के राजा व विनीत के बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार तक एसटीएफ फिर कानपुर में बड़ी कार्रवाई कर सकती है। राजा व विनीत के कानपुर छोड़कर भागने की खबर है। एसटीएफ एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि सट्टेबाजी में जिस पत्रकार का नाम सामने आया है, उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।