तीन साल पुराने मामले में हुई सुनवाई, कोर्ट ने दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तीन साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए एक साल की सजा सुनाई। दो हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे 15 दिन सजा काटनी होगी।
खाद्य निरीक्षक एनआर पांडे 27 सितंबर को चेकिंग अभियान पर निकले थे। जब वह अनुपम होटल के पास पहुंचे तो साइकिल पर दूध बेचते विशुन दयाल निवासी सारंगपुरा मिले। संदेह होने पर खाद्य निरीक्षक दूध का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा।
जांच में नमूना फेल हो गया। खाद्य निरीक्षक ने विशुन दयाल के खिलाफ खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है। जांच के बाद पुलिस ने विशुन दयाल के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में हुई।