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- इसी रोड पर लगभग आधा किमी दूर है सिद्ध पीठ काली बांह मंदिर
- हाईवे पर बनी दुकानों पर खुलेआम बाहर भी बिखरा पड़ा है सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। ग्वालियर हाईवे किनारे इस समय पटाखा की दुकानें सज गई हैं। शहर से ग्वालियर हाईवे पर निकलते ही धूमनपुरा गांव के पास हाईवे पर शहर के बड़े दुकानदारों की दुकानें सजी हुई हैं। इनमें बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण है।
पटाखे के कार्टून और डिब्बे दुकान के बाहर भी पड़े हुए हैं। हाईवे से जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन रहता है, वहीं इस समय नवरात्र में आधा किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित कालीबांह मंदिर में भी प्रतिदिन लगभग पांच हजार श्रद्धालु आते-जाते हैं। ऐसे में हादसे का डर बना रहता है।
लगभग छह साल पहले शहर के पचराहे से छहराहे के बीच पटाखें की बड़ी दुकानें लगा करती थीं। प्रदेश में कई बार बड़े हादसे होने पर शासन की ओर से सख्ती की गई तो शहर से बाहर ग्वालियर हाईवे के पास पटाखा दुकानों को पहुंचा दिया। उस समय से ही ग्वालियर हाईवे पर धूमनपुरा गांव के पास पटाखों के बड़े कारोबारियों की दुकानें सजने लगी थीं।
इस बार भी कई बड़ी और छोटी पटाखा दुकानें यहां सजी हैं। दिवाली नजदीक आने के साथ ही बड़ी मात्रा में बाहर से भी माल आना शुरू हो गया है। हाईवे के नजदीक की इन दुकानों के बाहर खुलेआम पटाखों से भरे कार्टून, डिब्बे और बोरियां खुलेआम पड़ी है। ऐसे में जहां हाईवे से निकलने वाले यात्रियों के लिए खतरा बना हुआ है। इसके अलावा कालीबांह मंदिर में पूरे नवरात्र इस मंदिर पर मेला लगता है और हाईवे किनारे ही बड़ी संख्या में दुकानें भी लगती हैं। अष्टमी और नवमी पर इस मंदिर में दर्शन के लिए 15-20 हजार श्रद्धालु आते हैं।
नेशनल हाईवे किनारे 150 फीट की दूरी पर होनी चाहिए पटाखों की दुकानें
नेशनल हाईवे के नियमानुसार, हाईवे के 150 दूरी पर पटाखों की स्थाई दुकानें होनी चाहिए। इस नियम का उल्लंघन करने वाले कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
18 में 15 का नवीनीकरण, अभी तीन लटके
जिले में 18 कारोबारियों के स्थायी लाइसेंस पिछले वर्ष थे। इस वर्ष नियमों का पालन करने वाले 15 कारोबारियों के लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया गया है, जबकि अभी तक तीन लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में फंसे हुए हैं।
वर्जन
हाईवे के किनारे और ज्यादा आवाजाही व आबादी वाले स्थानों पर पटाखों की दुकानें नहीं लगनी चाहिए। यदि ऐसा हो रहा है तो जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - दिग्विजय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट