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Kanpur News: एक बेटा भाजपा, दूसरा सपा में, पिता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैसे

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कानपुर। कांग्रेस पार्टी की जिला इकाई में नए जिलाध्यक्षों का मनोनयन होते ही पार्टी के अंदर खुले आम दो फाड़ नजर आने लगा है। बुधवार को अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में लोकसभा प्रत्याशी रहे आलोक मिश्रा ने खुले मंच से अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता के चयन पर सवालिया निशान लगा दिया। उन्हाेंने यह सवाल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से किया। कहा कि जिस व्यक्ति का एक बेटा समाजवादी पार्टी में और दूसरा भारतीय जनता पार्टी में हो, उसे कांग्रेस का शहर अध्यक्ष बनाया जाना कितना उचित है।
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आलोक यहीं पर नहीं रुके। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ताओं से कहा कि यह तय किया जाए कि कोई भी शहर या जिलाध्यक्ष होगा वह किसी चुनाव के लिए अपना आवेदन नहीं करेगा। अध्यक्ष सिर्फ संगठन को मजबूत करने का काम करेगा। उनकी इस बात का सोनिया, खरगे और राहुल ने ताली बजाकर समर्थन किया। आलोक का इशारा 2027 को विधानसभा और 2029 का लोकसभा चुनाव दोनों की तरफ था। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने नरेश चंद्र त्रिपाठी सहित शहर के कई और नेता अहमदाबाद गए थे।इधर आलोक के भाषण का वीडियो वायरल हाेते हुए कांग्रेस की स्थानीय इकाई में खींचतान शुरू हो गई। जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता ने उनके बयान के विरोध में अपना पक्ष रखा। कहा कि जब उन्हें पार्टी ने जिलाध्यक्ष बनाया तो आलोक मिश्र स्वयं पार्टी कार्यालय तिलक हाल आकर अध्यक्ष बनने की बधाई दी। अब क्योंकि उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है तो वह हमारे बारे में गलत बोल रहे हैं। कहा कि उनके दोनों पुत्र उनके साथ हैं। जिस पुत्र को भाजपा में बताया जा रहा है वह पिछले चार साल से कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ का प्रदेश उपाध्यक्ष है। दूसरा पुत्र सपा से चुनाव लड़ चुका है। लेकिन पिछले आठ महीने से वह सपा में सक्रिय नहीं है। पूरी तरह मेरे साथ काम कर रहा है।
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