नोटबंदी के दौरान एक कर्मचारी के कागजात से फर्जी फर्म बनाकर उसके खाते से 1.16 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उसके खाते में हजार और पांच सौ के पुराने नोट जमा करने के बाद रकम को दूसरे खाते में ट्रांसफर करवा लिया।
आयकर विभाग से नोटिस आने पर युवक को फर्जीवाड़े का पता चला तो उसके होश उड़ गए। उसने एसएसपी से शिकायत की। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कानपुर के गड़रिया मोहाल में रहने वाले विकास सविता गुमटी नंबर पांच स्थित एक फर्म में नौकरी करता था जिसमें किदवईनगर निवासी पवन कुमार पांडेय मुनीम था।
आरोप है कि नोटबंदी के दौरान पवन ने उसका खाता खुलवाने के नाम पर पहचान पत्र समेत अन्य आईडी ली थी। जिसके जरिये उसने सांई ट्रेडर्स नाम से फर्म बनाकर उसके नाम पर बिरहाना रोड स्थित इंडसइन बैंक में खाता खुलाया। इसके बाद पवन और उसके चार साथियों ने एक करोड़ 16 लाख रुपये के पांच सौ और हजार के नोट जमा करवाकर ब्लैक मनी को सफेद कर लिया।
विकास को इस बारे में तब पता चला जब 21 अप्रैल को उसके पास आयकर विभाग से नोटिस आया। उसने एसएसपी से शिकायत की। थाना फीलखाना में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज की गई है।