कानपुर देहात। सरवनखेड़ा ब्लॉक के करसा गो-आश्रय स्थल में भरपेट चारा न मिल पाने से कमजोर हुई गायों में एक की रविवार को मौत हो गई। उसे वहीं दफना दिया गया, जबकि चार गो वंशों की स्थिति मरणासन्न है। ठीक से चारा न मिलने पर अन्य गायों की भी हालत खराब हो रही है।
करसा गोवंश आश्रय स्थल में चारे की व्यवस्था ठीक न होने से गोवंश भूख से तड़प रहे हैं। पांच गाय मरणासन्न अवस्था में पहुंच गईं थीं। वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं। इनमें से एक गाय की रविवार को मौत हो गई। इसके बाद परिसर में ही गाय को दफना दिया गया। चार गाय मौत से जूझ रही हैं। एक सप्ताह पहलेे यहां एक बछड़े की मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि आश्रय स्थल में गायों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। खली, चोकर, हरा चारा न दिए जाने से गाय कमजोर हो रही हैं। कई महीने से गायों की देखरेख नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद भी जिम्मेदार इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
पशु चिकित्सक तेजेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं की थ्रेसरिंग के बाद नया भूसा आया है। इसे खाकर गाय बीमार हो रही हैं। बीमार गायों का इलाज किया जा रहा है। बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि गाय की मौत की जानकारी नहीं है। जल्द ही निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।