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Kanpur News: 2003 का रिकॉर्ड नहीं तो भी बन सकते मतदाता

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कानपुर। विधानसभा चुनाव-2027 से पहले निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया सरल कर दी है। अब फार्म-6 के साथ वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित अतिरिक्त घोषणा पत्र देना अनिवार्य नहीं होगा। इससे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सूची से बाहर हुए उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए पुराने पारिवारिक मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही थी। हालांकि आवेदक को आयु, नागरिकता समेत निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
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एसआईआर के बाद जिले में जारी अंतिम मतदाता सूची में 9,23,469 नाम कम हो गए थे। पुनरीक्षण से पहले जिले की 10 विधानसभा सीटों पर 35,38,261 मतदाता थे, जबकि अंतिम सूची में संख्या घटकर 26,36,113 रह गई थी। यानी करीब 26.1 प्रतिशत मतदाता सूची से बाहर हो गए थे। पुनरीक्षण के दौरान 1,04,046 मृतक, 3,10,030 गलत पते वाले और 3,91,618 दूसरे जिलों में स्थानांतरित मतदाता मिले थे। इसके अलावा 67,478 नाम दोहरी प्रविष्टि वाले पाए गए थे, जबकि 28,976 मतदाताओं का कोई पता नहीं चल सका था। इन श्रेणियों के नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए थे।

वहीं एसआईआर के बाद दोबारा नाम जुड़वाने वालों के लिए 2003 की मतदाता सूची से संबंधित घोषणा पत्र और रिकॉर्ड की जानकारी जुटाना कठिन था। खासकर पता बदल चुके परिवारों और पुराने दस्तावेज न होने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। अब यह बाध्यता खत्म होने से पात्र आवेदक बिना पुराने रिकॉर्ड के फार्म-6 भर सकेंगे। इससे आगामी पुनरीक्षण में नए आवेदनों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
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वर्जन

चुनाव आयोग ने फार्म-6 के साथ दिए जाने वाले पुराने घोषणा पत्र की वैधता समाप्त कर दी है। अब बिना पुराने रिकॉर्ड के फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। - अजय श्रीवास्तव, सहायक निर्वाचन अधिकारी
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