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Kanpur News: खाकर हजम कर चुके होंगे, तब पता चलेगी मिठाई में मिलावट थी या नहीं

Sat, 11 Nov 2023 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए चलाए गए अभियान में नमूनों की संख्या की अधिकता की वजह से प्रयोगशाला पर जांच का बोझ बढ़ता है। इधर जांच रिपोर्ट एक से डेढ़ माह में मिल पाती है। नमूना फेल होने की रिपोर्ट देरी से आती है। इससे पहले मिलावटी मिठाई लोग खाकर हजम कर जाते है और इन मिठाई का दुष्प्रभाव लोगों पर पड़ना शुरू हो जाता है। पिछले वर्ष 39 नमूनों में 23 फेल हो गए थे।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिठाई, खोया व अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने हर त्योहारी सीजन में भरे जाते हैं। प्रदेश में खाद्य नमूनों की जांच के लिए छह प्रयोगशालाएं हैं। इन प्रयोगशालाओं पहले से ही सीमित कर्मियों की वजह से त्वरित जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। इधर त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में नमूनों को यहां जांच के लिए भेजने से बोझ बढ़ता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष दीपावली पर 17 से 22 अक्तूबर तक छापा मारकर 39 खाद्य पदार्थाें के नमूने भरे गए। प्रयोगशाला से एक माह से अधिक समय बाद जांच रिपोर्ट मिली तो इसमें 23 नमूने फेल हो गए। कारोबारी को नोटिस देकर सभी 23 मामलों में वाद दाखिल किए गए। अभी सुनवाई चल रही है। लोगों का कहना है कि त्वरित जांच रिपोर्ट मिलती तो मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है। देरी से रिपोर्ट आने पर कारोबार कर्ता मिलावटी खाद्य पदार्थ बाजार में खपाने में कामयाब हो जाते हैं।
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तीन दिन के अभियान में भरे 24 नमूने
इस दीपावली पर मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान में अब तक 24 नमूने भरकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। पहले दिन के अभियान में 7, दूसरे दिन के अभियान में 7 और तीसरे दिन के अभियान में 10 नमूनों को मिलावटी होने की आशंका पर जांच के लिए भेजा गया है। संवाद
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बयान-

त्योहारी सीजन में टीमें बनाकर छापा मार कार्रवाई की जाती है। दुकानदार के मिलावट स्वीकार करने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए खाने के अयोग्य वस्तुओं को नष्ट करा दिया जाता है। लेकिन यदि कारोबार कर्ता मिलावट की स्वीकार नहीं करता है तो नमूना भरकर नियमानुसार जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाता है। प्रयोगशाला में अधिक नमूनों की वजह से जांच रिपोर्ट आने में एक से डेढ़ माह का वक्त लगता है।

-मनोज वर्मा, सहायक खाद्य आयुक्त

ऐसे करें खाद्य पदार्थों की पहचान

खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामखिलावन ने बताया कि इन विधियों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान खुद ही की जा सकती है। दूध में पानी होने पर किसी समतल प्लेट पर दूध की कुछ बूंदें डालें, सतह को टेढ़ा करें, यदि दूध की बूंद धीरे-धीरे ढलान की ओर जाए और पीछे सफेद लकीर छोड़े तो इसमें पानी नहीं मिला होता है। पनीर की पहचान करने के लिए पनीर को पानी में उबालकर इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टींचर डालने पर यदि पनीर का रंग नीला हो जाए तो वह मिलावटी होता है।
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मिलावटी सामग्री बिगाड़ सकती हाजमा
मिलावटी खाद्य पदार्थ हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। एसिडिटी, पीलिया रोग आदि का खतरा रहता है। किडनी और लीवर पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। ये खराब भी हो सकते हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और वृद्ध पर पड़ने की आशंका रहती है। ब्लड प्रेशर और हृदय रोगी को ज्यादा दिक्कत होती है।- डॉ. शिवम तिवारी, जनरल फिजिशियन, सीएचसी अकबरपुर
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