ओमप्रकाश राजभर ने की आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत
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यूपी के उन्नाव और हरदोई जिले में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग सशक्तीकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने जातिगत आधार पर आरक्षण को जनविरोधी जनविरोधी बताया। मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर सरकार को नसीहत भी दे डाली। इस दौरान राजभर ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई बातें कही। उन्होने कहा कि बड़े लोगों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में भर्ती किए जाएं तभी शिक्षा में सुधार हो जाएगा।
उन्नाव के फतेहपुर चौरासी में राजभर ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में सुधार करके ही शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जा सकता है। मंदिर, मस्जिद मुद्दों से हटकर सरकार को शिक्षा के स्तर में सुधार लाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश व समाज का उत्थान तभी संभव है जब शिक्षा का स्तर सही हो। इसके लिए प्राथमिकस्तर पर सुधार की जरुरत है। अधिकारियों व शिक्षकों के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय में गरीब बच्चे ककहरा सीख रहे हैं। जिससे शिक्षण के स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है। बड़े लोगों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में भर्ती किए जाएं तभी शिक्षा में सुधार हो जाएगा।
राजभर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में भी अति पिछड़ों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बेरोजगारी पर बोलते हुए कहा कि बीटीसी व बीएड के छात्रों को विद्यालय में संविदा पर रखकर कार्य कराए और उनकी मेहनत के आधार पर मानदेय बढ़ाते रहें। इससे न केवल विद्यालयों के शिक्षण कार्य में सुधार होगा। साथ ही बेरोजगारी भी कम पड़ेगी।