बाबा और पिता की हत्या का बदला लेने के लिए युवक ने चचेरे भाई के साथ मिलकर अधेड़ को दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से काट डाला। हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर सीओ और एसओ भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश में हत्या की गई है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
जालौन के कालपी के देवकली गांव स्थित ससुराल में रहने वाला काशीराम उर्फ पसिया (55) पुत्र किशोरा केवट रविवार की सुबह करीब नौ बजे आटा स्थित पैतृक गांव में परासन बेटे की शादी के लिए घोड़ी करने आया था। आरोप है कि परासन गांव के ही रामबिहारी और अरुण केवट ने उसे गांव में घेर लिया। तीनों में झड़प होने लगी।
इसी दौरान राम बिहारी और अरुण घर से कुल्हाड़ी लेकर निकल आए। यह देख काशीराम भागा तो दोनों ने उसे दौड़ा लिया और बीच सड़क पर काशी को कुल्हाड़ी से काट डाला। मौके पर ही काशी की मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई हत्या से ग्रामीण दहशत में आ गए। लोगों ने घरों के खिड़की दरवाजे बंद कर लिए। पुलिस के पहुंचने के बाद ही लोग घरों से निकले।
2004 में की थी पिता की हत्या
पुलिस की मानें तो 2004 में काशीराम ने रामबिहारी के पिता भारत की हत्या की थी। रविवार को जब काशी रामबिहारी को दिखा तो दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद काशी की नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि काशीराम ने ही रामबिहारी के बाबा यानी भारत के पिता की भी हत्या की थी। सालों से दोनों परिवारों के बीच रंजिश का खूनी खेल चल रहा है।
15 साल बाद गांव आया था काशीराम
गांव वालों ने बताया कि कांशीराम ने 15 साल पहले गांव छोड़ दिया था। गांव में रंजिश के कारण ही वह ससुराल में रहने लगा। रविवार को जब वह गांव आया तो उसकी हत्या कर दी गई।
शादी वाले घर में मातम
परिजनों ने बताया कि इसी माह काशीराम के बेटे की शादी है। शादी के कार्ड भी बंट चुके हैं। काशी बारात के लिए घोड़ी करने के लिए परासन गांव गया था। यहां कुछ लोगों को उसे कार्ड भी देने थे। काशी की हत्या के बाद शादी वाले घर में मातम छा गया है।
पुलिस की रडार पर हत्यारे
पुलिस सूत्रों की मानें तो हत्यारोपी पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस को उनकी लोकेशन भी मिल गई है। रविवार की देर रात दोनों की गिरफ्तारी हो सकती है। सीओ का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।