कानपुर के सचेंडी में होली की रात (बुधवार) घर में अकेली मुन्नी देवी चतुर्वेदी (65) की साड़ी से गला घोटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद हत्यारे घर के मेनगेट पर अपना ताला लगाकर फरार हो गए। प्रदीप का कहना है कि बदमाश मां की हत्याकर घर से नगदी और जेवरात लूटकर ले गए। पुलिस ने मुन्नी के परिवार से जुड़े चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पोस्टमार्टम में मुन्नी देवी की गला घोटने से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोटों के निशान भी मिले हैं। सचेंडी के राम सिंह का पुरवा गांव निवासी मुन्नी देवी पति ओम प्रकाश की मौत के बाद से घर में अकेले रह रहीं थीं। उनके दो बेटे प्रदीप और राजीव गुजैनी में तीस सालों से रह रहे हैं। प्रदीप की कपड़े और राजीव की मोबाइल शॉप है।
गले में कसी थी साड़ी शरीर पर थे चोटों के निशान
प्रदीप ने बताया कि बुधवार को उनकी मोबाइल पर मां से बात हुई थी। गुरुवार शाम चार बजे वह मां से मिलने गांव पहुंचे। घर के मेन गेट पर ताला बंद होने की वजह उन्हें लगा कि मां बाहर गईं है। तीन घंटे तक इंतजार के बाद शाम करीब सात बजे उन्हें अनहोनी का शक हुआ। इस पर गांव वालों के सामने गेट का ताला तोड़ा। पीछे के कमरे में मां मृत पड़ी थीं।
साड़ी उनके गले में कसी थी। शरीर पर चोटों के निशान भी थे। प्रदीप के मुताबिक रसोई से कमरे के बीच मां की चूड़ियों के टुकड़े पड़े थे। प्रदीप ने बताया कि दस बीघा खेत में बेर के 71 पेड़ लगे हैं। कुछ दिन पहले ही बेर का 25 हजार रुपये में सौदा किया था। यह पैसा मां के पास रखा था। 25 हजार रुपये पहले से उनके पास थे।
सिर पर किया गया था वजनदार चीज से हमला
घर से 50 हजार रुपये और जेवरात भी गायब थे। इस मामले में प्रदीप ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सचेंडी थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। मुन्नी देवी के शरीर पर हत्यारों ने भारी चीज से भी प्रहार किया था।
पोस्टमार्टम में मु्न्नी के हाथ, सिर, कनपटी समेत शरीर पर चोटों के पांच निशान मिले हैं। साड़ी से उनके गला घोटे जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि वारदात में कम से कम दो लोग शामिल रहे हैं। फोरेंसिक टीम मौके से फिंगर प्रिंट व व साक्ष्य जुटाए हैं।