149 साल पुराने गंगापुल का एक हिस्सा ढहने के मामले में मुनादी कराने के बाद भी यहां रहने वाले नहीं हट रहे। जर्जर कोठी के पास सरकारी राशन की दुकान है। यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है।
149 साल पुराने गंगापुल का एक हिस्सा बीते दिनों ढहने के बाद एक और कोठी (पिलर) में दरार पड़ चुकी है। इससे इस कोठी के भी ढहने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके चलते हाल ही में गंगाघाट नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी ने मुनादी कराकर पुल के नीचे व आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया था। लेकिन इसके बाद यहां रहने वाले हट नहीं रहे हैं। यही नहीं पुल की जर्जर कोठी के पास ही सरकारी राशन की दुकान भी संचालित हो रही है। यहां राशन लेने वालों की भीड़ जमा होती है। जान जोखिम में डालकर लोग राशन ले रहे है।
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ब्रिटिश हुकूमत में बने पुराने गंगापुल के बीच का एक हिस्सा (कोठी नंबर नौ व दस के बीच) 26 नवंबर को तड़के ढह गया था। इसके बाद अब शुक्लागंज छोर पर कोठी नंबर-तीन में पड़ी दरार बढ़ती जा रही है। इस जर्जर कोठी के पास पुल के नीचे कई मकान बने हैं और सरकारी राशन की दुकान भी है। इस दुकान से तकरीबन 250 राशन उपभोक्ता संबद्ध हैं। हाल यह है कि नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी के मुनादी कराने के बाद जान जोखिम में डालकर रह रहे लोग नहीं हट रहे हैं।
उधर, नगर पालिका ईओ मुकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जानकारी मिलते ही उसी रात मुनादी कराते हुए लोगों को घर खाली करने को कहा गया था। वहीं, पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने बताया कि पुल के नीचे बने सभी कच्चे और पक्के घर व दुकानें अवैध हैं, जिन्हें खाली करने को पहले ही कहा जा चुका है।