कानपुर देहात। पिछले सप्ताह ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गायों की मौत पर अयोध्या और मिर्जापुर के आठ अफसरों को निलंबित किया था। इस कार्रवाई का डर जिले में देखने को नहीं मिल रहा है। गो आश्रय स्थल में एक बछड़े की मौत हो गई है और तीन गाय बीमार चल रही हैं। गो आश्रय स्थळों में चारा-पानी और सफाई के समुचित बंदोबस्त ही नहीं है। यह हाल तो तब है जब मुख्यमंत्री ने हाल ही में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अफसरों को गो आश्रय स्थलों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा है।
राजपुर प्रतिनिधि के अनुसार सिल्हौला आश्रय स्थल में सोमवार को बीमारी की चपेट में आकर एक बछड़े की मौत हो गई। एक बछिया आश्रय स्थल से लापता है। गायों के लिए चरही में सूखा भूसा पड़ा मिला। प्रधान कमलजीत ने बताया कि आश्रय स्थल में 20 गाय और छह बछड़े हैं। एक बछड़े की मौत हो गई। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बछड़े के शव का पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट में बछड़े की मौत का कारण पेट फूलना बताया गया। एक मजदूर को चारे-पानी के लिए रखा गया है, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। संदलपुर प्रतिनिधि के अनुसार जसापुर आश्रय स्थल में 20 गाय और तीन बछड़े हैं। यहां एक गाय बीमार है। चारा-पानी का समुचित प्रबंध नहीं है। परिसर में हैंडपंप लगा है लेकिन उसे चलाकर गायों को पानी पिलाने वाला कोई नहीं है। दो सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगी है, लेकिन वह आते नहीं हैं। असवी आश्रय स्थल में 27 मवेशी हैं। यहां दो गाय बीमार हैं। यहां गायों को सूखा भूसा डालकर खानापूरी हो रही है। हरे चारे की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। परिसर में गंदगी फैली है। जसापुर प्रधान कालिंदी सिंह और असवी की प्रधान सरिता देवी ने बताया कि उन्हें मई के बाद गो आश्रय स्थल के लिए धन नहीं मिला है। इससे व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार ने कहा कि आश्रय स्थल न जाने वाले सफाईकर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र ने कहा कि बीमार मवेशियों के उपचार के लिए कठारा के पशु चिकित्साधिकारी से कहा गया है। रनियां प्रतिनिधि के अनुसार सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायां आश्रय स्थल में 110 गाय हैं। यहां भूसा भंडारण की व्यवस्था कर ली गई है। हरे चारे की बुआई भी कर ली गई है। एक सप्ताह पहले कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा ने निरीक्षण किया था। उन्होंने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ परिसर में पौधरोपण के लिए कहा था। गड्ढे खोद लिए गए हैं लेकिन अभी पौधरोपण नहीं हुआ है।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं कराने के लिए बीडीओ और एसडीएम से कहा गया है। आश्रय स्थलों पर चारा, पानी और छाया की समुचित व्यवस्था रखनी है। मैं खुद गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करूंगा। किंसी भी आश्रय स्थल पर लापरवाही मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।