फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में तैयार हो चुकी ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट में निरीक्षण के दौरान फिर से कई कमियां पाई गईं। लिहाजा उसे लाइसेंस मिलना एक बार फिर से लटक गया है। इससे फिलहाल डेंगू समेत अन्य बीमारियों से पीड़ितों को प्लेटलेट्स, प्लाज्मा मिलना मुश्किल है। जांच अधिकारी की ओर से निकाली गई कमियां पूरी करने के बाद, सूचना देने पर लाइसेंस की संस्तुति की जाएगी।
इन दिनों डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद कई महीने से लोहिया पुरुष अस्पताल की ब्लड बैंक में तैयार हो चुकी ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट लाइसेंस के अभाव में चालू नहीं हो पा रही है। करीब ढाई माह पहले 14 कमियां निकलने के बावजूद ब्लड बैंक के जिम्मेदार इन्हें दूर नहीं कर सके।
आवेदन के बाद बुधवार को ब्लड बैंक पहुंचे, केंद्रीय ड्रग इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने जिला ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय के साथ ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। दोनों ही अधिकारियों ने ब्लड बैंक में स्थापित की गई ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट में कई कमियां पाईं। अधिकारियों ने पाया कि कोई भी शूज कवर नहीं पहने था। इसके अलावा डोनर के साथ अन्य लोग भी ब्लड डोनेट रूम तक चले जा रहे थे। कहा कि सेपरेटर यूनिट का इलेक्ट्रानिक पैनल पूरी तरह कवर होना चाहिए। जांच अधिकारियों को स्टोर का रास्ता कंपोनेंट यूनिट से होकर जाता मिला। उन्होंने इसे अलग करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि फर्श की सफाई करवा देना पर्याप्त नहीं है। ब्लड बैंक का पूरा क्षेत्र कीटाणु रहित होना चाहिए। रिसेप्शन के तुरंत बाद प्रवेश बंद करवाना है। इससे अंदर सिर्फ डोनर ही प्रवेश करे। सेपरेटर यूनिट में कर्मचारी भी पूरी सावधानी से प्रवेश करेगा।
केंद्रीय ड्रग इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें जो कमियां मिली हैं, उनकी सूची दे दी है। इन्हें दूर करने के बाद फोटो और वीडियो उपलब्ध करवाने के बाद संबंधित विभाग को संस्तुति भेजेंगे। जितनी जल्दी कमियां दूर हो जाएंगी, उतनी ही जल्दी लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया शुरू होगी। कर्मियों को ट्रेनिंग लेने के लिए भी कह दिया गया है। उनके साथ ब्लड बैंक प्रभारी किरीटी कनौजिया व स्टाफ मौजूद रहा।
डोनर के लिए फ्रूटी का बढ़ा साइज
ब्लड बैंक में डोनर को फ्रूटी पिलाने का नियम है। अभी तक फ्रूटी का सबसे छोटा पैक दिया जाता था। बुधवार को टीम आने के डर से फ्रूटी के पैक का साइज बढ़ गया।