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स्वास्थ्य: खानपान और बिगड़ी लाइफ स्टाइल से युवाओं में बढ़ता मोटापा, जांच में ब्लड शुगर लेवल निकलता है हाई

Fri, 14 Mar 2025 12:36 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: डॉक्टर्स का कहना है कि हर साल 10 हजार प्री डायबिटिक रोगी डायबिटीज की गिरफ्त में आ जाते हैं। यह कुल डायबिटीज रोगियों का पांच प्रतिशत है। इसके अलावा तीन प्रतिशत रोगी विभिन्न कारणों से डायबिटिक हो जाते हैं।
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मोटापा - फोटो : Adobe stock photos
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विस्तार
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खानपान और बिगड़ी लाइफ स्टाइल से युवाओं में तेजी से मोटापा बढ़ रहा है। मोटापा भी डायबिटीज बढ़ाने का एक बड़ा कारक है। डायबिटीज के 30 से 50 साल आयु वर्ग के रोगियों में 60 फीसदी मोटापा के शिकार होते हैं। जितने रोगी डायबिटीज के हैं, उनसे अधिक संख्या प्री डायबिटिक की है। पांच साल में एक तिहाई प्री डायबिटिक रोगी पूरी तरह से डायबिटीज की गिरफ्त में आ जाते हैं।

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डायबिटीज के पंजीकृत रोगियों की संख्या चार लाख है। कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. ब्रजमोहन का कहना है कि नगर के साथ अगर देहात जिले को भी मिला लिया जाए तो संख्या 10 लाख से अधिक हो जाती है। उनका कहना है कि हर साल 10 हजार प्री डायबिटिक रोगी डायबिटीज की गिरफ्त में आ जाते हैं। यह कुल डायबिटीज रोगियों का पांच प्रतिशत है। इसके अलावा तीन प्रतिशत रोगी विभिन्न कारणों से डायबिटिक हो जाते हैं। इनमें मोटापा प्रमुख कारण है। इसके अलावा संक्रमण और अन्य कारण हैं जिनसे अग्नाशय प्रभावित होता है।

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जांच में ब्लड शुगर लेवल निकलता हाई
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि बुखार, दर्द, कमजोरी लगान, थकान समेत विभिन्न दिक्कतों का इलाज कराने अस्पताल आते हैं। जांच में हाई ब्लड शुगर लेवल निकलता है। एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हार्ट अटैक का लक्षण लेकर आने वाले 30 से 50 साल आयु वर्ग के 60 फीसदी रोगियों में 40 फीसदी में ब्लड शुगर लेवल हाई निकलता है। साथ ही एक लक्षण मोटापा भी होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वसा के जमाव के कारण इंसुलिन रिसेस्टेंस हो जाता है।
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