आईआईटी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस 2017-18 का पेपर देने वाले ओबीसी (नान क्रीमिलेयर) स्टूडेंटों को राहत मिल गई है। अब 1 अप्रैल 2017 से पहले बने ओबीसी के सभी प्रमाण पत्र मान्य होंगे। इसका सर्कुलर ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने जारी कर दिया है।
जेईई एडवांस का आयोजन 21 मई 2017 को होगा। इसी सिलसिले में गत रविवार को आईआईटी मद्रास में जैब की मीटिंग बुलाई गई। चेयरमैन प्रो. प्रेम बिष्ट की मौजूदगी में देश की 22 आईआईटी में एडमिशन की रणनीति बनी। साथ ही ओबीसी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता पर चर्चा हुई।
केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के आदेश का अध्ययन किया गया, फिर 1 अप्रैल 2017 तक बने ओबीसी प्रमाण पत्रों को मान्य करने का फैसला हुआ। इससे पहले हर तीसरे साल प्रमाण पत्र बनवाने और काउंसलिंग के दौरान जमा करने की अनिवार्यता थी।
अगले शैक्षिक सत्र से यह व्यवस्था खत्म हो जाएगी। अब प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्टूडेंटों को तहसीलों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पुराने प्रमाण पत्र से ही काम चल जाएगा।
एसएमएस से मिलेगी सूचना
जेईई एडवांस के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, क्रेडिट और डेबिट कार्ड से फीस जमा करने, रिजल्ट, काउंसलिंग के दौरान च्वाइस फिलिंग की जानकारी अब स्टूडेेंटों को एसएमएस की मदद से दी जाएगी। यह सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगी। इलेक्ट्रानिक्स (शार्ट वीडियो) और कागजी स्टडी मैटेरियल भी उपलब्ध कराया जाना है।
27 फीसदी सीटें आरक्षित
आईआईटी की 27 फीसदी सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हैं। सामान्य कोटे से भी ओबीसी संवर्ग के स्टूडेंटों को एडमिशन मिलता है। इसको देखते हुए ही प्रमाण पत्र बनवाने की अनिवार्यता से छूट दी गई है।