मेरे हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा में 75 फीसदी भी अंक नहीं आए थे। बेहद औसत छात्र रहा हूं। अंकों से कुछ नहीं होता, जीवन में केवल मेहनत ही मायने रखती है। यह बात बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में आए पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने कही।
श्री गीता रामायण परीक्षा के पुरस्कार वितरण में बतौर मुख्य अतिथि आए पूर्व डीजीपी ने कहा कि प्रेशर मानकर पढ़ाई की तो जीवन में कभी सफलता की सीढ़ियां नहीं चढ़ पाएंगे। कहा कि अभिभावक अपने सपनों को सच करने के लिए बच्चों पर दबाव न डालें। क्षमता को आंकने के बाद ही बच्चे की कॅरियर चुनने में मदद करें। कॉन्वेंट स्कूल या अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले छात्र ही आगे चलकर सफल हो सकते हैं, इस धारणा को अब तोड़ने की जरूरत है। मैंने भी सरकारी स्कूल से ही अपनी पढ़ाई पूरी की है।
पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं
यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर पूर्व डीजीपी बोले कि कर्मियों को स्वभाव में परिवर्तन लाने की जरूरत है। पुलिस वालों का व्यवहार ठीक नहीं हैं। कहा कि जुर्म को रोका नहीं जा सकता। रामराज्य में भी क्राइम तो होता ही था। उन्होंने कहा कि यूपी में महिला अपराध अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।
गीता रामायण परीक्षा के विजेता सम्मानित
ब्रह्मावर्त सनातन धर्म मंडल की ओर से संचालित श्री गीता रामायण परीक्षा के 68 विजेताओं को सम्मानित किया गया। गीता के श्लोकों पर आधारित परीक्षा में बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन, जीएनके, पंडित दीनदयाल स्कूल, पूर्णचंद्र विद्या निकेतन, जुगल देवी विद्या मंदिर सहित कई स्कूलों ने हिस्सा लिया था। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक पूर्वी यूपी के संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह ने अतिथि परिचय कराया। परीक्षा के रजिस्ट्रार डॉ. अंगद सिंह ने स्वागत किया। संयोजन डॉ. ममता तिवारी, मंजू शुक्ला ने किया। इस मौके पर एडीजी जय नारायण सिंह, भगवत प्रसाद शर्मा, पं. रमाकांत मिश्र, कर्नल एसएन पांडे, आरके सिंह मौजूद रहे।