प्रदेश में एनटीसी की 11 मिलें
कानपुर में परेड स्थित म्योर मिल, ग्वालटोली स्थित न्यू विक्टोरिया मिल, जूही हमीरपुर रोड स्थित स्वदेशी कॉटन मिल, जरीब चौकी के पास अथर्टन मिल, दर्शनपुरवा-फजलगंज स्थित लक्ष्मीरतन कॉटन मिल। सूत्रों के अनुसार इनके अलावा मरियमपुर चौराहे के आगे एक बड़ा होटल, अलग-अलग दुकानों के शोरूम और रेस्टोरेंट भी एनटीसी की जमीन पर बने हैं। नौघड़ा, जनरलगंज, बिरहाना रोड पर भी एनटीसी की जमीनें हैं।
नजूल की जमीन पर ही बनी हैं मिलें
यहां भी कई शोरूम बन गए हैं। म्योर मिल की जमीनों का जो सर्वे कराया गया था उसके अनुसार ग्वालटोली चर्च रोड स्थित रेलवे लाइन के दोनों ओर की संपत्ति एनटीसी की है। अस्थायी कब्जा करने के बाद लोगों ने यहां बड़े-बड़े मकान बनवा लिए हैं। बताया गया कि रिपोर्ट कपड़ा मंत्रालय को भी भेजी जा चुकी है। बीआईसी और एनटीसी की मिलें नजूल की जमीन पर ही बनी हैं।
कब्जा छोड़ने वालों ने किराये पर उठा दिए क्वार्टर
सूत्रों ने बताया कि बीआईसी ने जुलाई 2022 से नवंबर 2022 तक खलासी लाइन स्थित मैफील्ड बंगला बिल्डर से खाली करवाया था। इसके साथ ही पूर्व डीजीपी से भी दो बंगले कोर्ट के आदेश पर खाली कराए थे। इस पर अब बीआईसी का कब्जा है। मकरावटगंज स्थित सेटलमेंट कॉलोनी में लाल इमली मिल में काम करने वाले कर्मचारी रहते थे।
अफसरों की उदासीनता के चलते अब तक नहीं मिल सका कब्जा
सेवानिवृत्ति के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ा। वहीं कब्जा छोड़ने वालों ने तमाम बाहरी लोगों को किराए पर क्वार्टर उठा दिए। इन सभी को बीआईसी नोटिस दे चुका है। ट्रैवल एजेंसी संचालक के खिलाफ 2018 में ग्वालटोली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बीआईसी के स्थानीय अफसरों की उदासीनता के चलते भी कब्जा अब तक नहीं मिल सका है।