कानपुर। महानगर की छात्रा आर्या सिंह के री-नीट के परिणाम में कथित गड़बड़ी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एनटीए का कहना है कि छात्रा ने ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की है। वहीं छात्रा के पिता का कहना है कि हमें मार्कशीट दिखाइए। इस बीच छात्रा ने पिता के साथ शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहां छात्रा ने अपने साथ हुई कथित अनियमितता को साक्ष्य के साथ सार्वजनिक किया।
पनकी रतनपुर की रहने वाली आर्या सिंह के अनुसार आंसर-की के अनुसार अंक 609 होने चाहिए। बृहस्पतिवार की रात री-नीट का परीक्षा परिणाम घोषित होने पर उसने वेबसाइट पर परिणाम चेक किया तो 540 अंक दिखे। रात दो बजे दोबारा परिणाम चेक करने पर अंक 167 हो गए। आर्या पिता के साथ न्याय की मांग लेकर जंतर-मंतर पहुंची। आर्या ने एनटीए के अधिकारियों पर गलत बयानबाजी और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। आर्या के पिता और पूर्व सैन्यकर्मी राकेश सिंह ने बताया कि आर्या ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मंच से अपनी बात रखते हुए बताया कि किस तरह उसका परिणाम तीन बार बदला गया।
उन्होंने कहा कि आर्या ने सभी साक्ष्यों के साथ एनटीए को ईमेल भी किया है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। एनटीए के अधिकारी केवल खुद को बचाने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि एनटीए उन्हें वास्तविक ओएमआर शीट दिखाए। यह भी कहा कि यदि जल्द ही संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह इस मामले को लेकर अदालत का रुख करेंगे।
एनटीए का बयान
यह दावा एक छेड़छाड़ किए गए ओएमआर पर आधारित है और यह उम्मीदवार की असली ओएमआर नहीं है। उम्मीदवार की असली ओएमआर का सही तरीके से मूल्यांकन किया गया है और उसी के अनुसार उसका स्कोर कार्ड जारी किया गया है। 540 अंक वाला जो स्कोर कार्ड बताया जा रहा है, वह फर्जी है। यदि आप इस स्कोर कार्ड पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे तो आपको सही स्कोर कार्ड मिलेगा जिसमें 167 अंक दर्शाए गए हैं।