मोबाइल की लत से अनिद्रा बढ़ रही है। बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है। घटिया मोबाइल और मोबाइल टावरों से निकल रहे मानक से ज्यादा रेडिएशन के भी कुप्रभाव पड़ रहे हैं। प्रदूषण भी ब्रेन ट्यूमर की एक वजह है। यह जानकारी यूपी-यूके न्यूरोसाइंस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ.आईएन वाजपेयी और डॉ. विकास शुक्ला ने दी।
उन्होेंने कानपुर में पत्रकारों को बताया कि सोसाइटी के 25 वर्ष पूरे होने पर एक फरवरी से ‘यूपी-यूके न्यूरोकॉन-2019’ का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में देश, विदेश के विशेषज्ञ माइक्रोस्कोप, इंडोस्कोपी से ब्रेन के ट्यूमर को निकालना सिखाएंगे। इसका लाइव टेलीकॉस्ट कर अन्य डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों को भी यह तकनीक सिखाई जाएगी। आयोजन सचिव डॉ. विकास शुक्ला ने बताया कि दो और तीन फरवरी को होटल लैंडमार्क में ब्रेन स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, चक्कर, मिर्गी, स्पाइन सर्जरी, न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी से संबंधित अन्य विषयों पर कार्यशालाएं होंगी। इनमें इलाज की बेसिक जानकारी से लेकर रोबोटिक सर्जरी तक की जानकारी दी जाएगी। प्रेसवार्ता में डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. पुनीत दीक्षित, डॉ. जयंत वर्मा आदि शामिल रहे।