कानपुर। समाज कल्याण अधिकारी शिल्पी सिंह का रविवार देर रात ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें वह जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और एसीएम तीन यादवेंद्र के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी करतीं सुनाई दे रही हैं। वह छात्रवृत्ति मामले की जांच कमेटी को गलत बता रहीं हैं। हालांकि वायरल ऑडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है। एक माह पहले भी सोशल मीडिया पर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के डीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के ऑडियो वायरल हुए थे।
मार्च माह में जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति पाने से वंचित रहने वाले तीन छात्रों की शिकायत पर एसीएम तीन, जिला विद्यालय निरीक्षक, दिव्यांगजन अधिकारी की जांच टीम गठित की थी। टीम ने समाज कल्याण अधिकारी, पटल बाबू दोषी पाए गए थे। डीएम ने कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने के लिए जून में समाज कल्याण निदेशक को पत्र लिखा था। डीएम के पत्र से समाज कल्याण अधिकारी नाराज थीं। वह वायरल ऑडियो में जांच कमेटी पर ही सवाल उठाती हुई सुनाई दे रही हैं।
‘जांच कमेटी तो गलत हैं। आपने तो लिखा गलत ही है न, आप शुरू से वही चाह ही रहे थे। हो सकता कमेटी से वही लिखवाया भी हो। क्यों कि तुमने सीडीओ मैडम को लिखा, उन्होंने आगे नहीं बढ़ाया, हमारी सीडीओ से बात हुई थी तो उन्होंने खुद बताया कि कर्मचारियों के लिए लिखा है। अगर लिखा भी हो तो सीडीओ भी गलत हैं न। आप मुझसे फिर से पूछते। भाई आपने मुझे एक ही बार तो नोटिस दिया और मैंने उसका जवाब दिया, आप लिखते तो मैं जाती। यह तो एक तरफा है अपनी बोलना, हम तो लिखेंगे कि कमेटी अपने एकॉर्डिंग तय की और मैं कमेटी के तीनों मेंबर पर चाह रही हूं कि एक-एक पर अलग-अलग आरोप लगे और पैसा मांगने का सब चीज का आरोप लगे और इन पर मानहानि का आरोप लगे ताकि ये लोग पैसा दें। मानहानि का आरोप लगेगा तभी तो ये लोग पैसा देंगे ताकि भविष्य में कभी ये लोग किसी से प्रभावित होकर नहीं लिखेंगे। मैं तो लिखूंगी संबंधित जो वास्तविक पटल बाबू था और जो कंप्यूटर ऑपरेटर था उनसे पैसा खाया इसलिए जांच को गुमराह किया और महिला अधिकारी होने के नाते परेशान किया।
अधिकारी कह रहीं हैं कि मैं तो इस एसडीएम पर आरोप लगाऊंगी कि ये मेरे कक्ष में आया था और काफी देर तक बैठा भी रहा, सारी बातें भी हुईं इसके बाद भी जानबूझकर गलत उद्देश्य से ऐसा किया। मेरी लेडीज बाबू भी गई थी उससे जो पूछा बताया गया। मतलब जो आपका दोष नहीं वह दोषारोपण कैसे कर दिया।
ऐसी कोई बात नहीं कही
सोशल मीडिया पर जो ऑडियो वायरल है उसकी जानकारी नहीं है। हमने कोई ऐसी बात नहीं कही। - शिल्पी सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
पीड़ा शेयर करे तो कुछ नहीं कहा जा सकता
सोशल मीडिया पर जो ऑडियो वायरल हुआ है उसके लिए संबंधित अधिकारी ने इन्कार किया है। अगर कोई अपनी पीड़ा को किसी से शेयर करे तो उसके लिए कुछ कहा नहीं जा सकता। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी