एक अच्छी खबर है। अब छात्र मिलकर सरकारी विभागों में व्याप्त समस्याएं को दूर करेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की पहल पर एक प्रतियोगिता भी शुरू की गई है ताकि युवा इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा ले सके।
कानपुर पीएसआईटी में आयोजित सेमिनार में डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि अब राज्य की तमाम सरकारी विभागों की तकनीकी समस्याएं प्रदेश भर के होनहार तकनीकी छात्रों के हवाले होंगी।
छात्र ही इन समस्याओं को दूर करेंगे और इसके एवज में उन्हें आर्थिक पुरस्कार भी दिए जाएंगे। जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार भी केंद्र की तर्ज पर स्टेट स्मार्ट हैकॉथन का आयोजन करेगी जिसके जरिए सरकार की विभागों में होने वाली तकनीकी समस्याओं को दूर किया जा सके।
क्या है स्मार्ट हैकॉथन
स्मार्ट हैकॉथन केंद्र सरकार की पहल पर शुरू की गई एक प्रतियोगिता है। इसमें केंद्र सरकार ने innovate.mygov.in वेबसाइट पर केंद्र से जुड़ी उन सभी विभागों की जानकारी दी है जहां तकनीकी समस्याएं हैं। इन तकनीकी समस्याओं के बारे में भी विस्तृत सूचना साइट पर उपलब्ध है।
इन समस्याओं के निस्तारण के लिए इंजीनियरिंग छात्रों से उनके प्रोजेक्ट मांगे जाते हैं और जिसका सबसे अच्छा प्रोजेक्ट लगता है उसे समस्या के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। इसके एवज में उन्हें संसाधन के साथ आर्थिक पुरस्कार भी दिए जाते हैं।