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अब शादी और निकाह का पंजीकरण अनिवार्य, जानें क्या हैं इसके नियम और फायदे

Wed, 27 Sep 2017 12:17 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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प्रदेश सरकार ने शादी और निकाह का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसलिए अब शादी या निकाह करने के बाद उसका पंजीकरण आवश्यक रूप से कराना होगा। कानपुर के उप महानिरीक्षक निबंधन एसपी सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली 2017 को लागू कर दिया है। इसके बाद विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा। विवाह या निकाह के एक साल के अंदर पंजीकरण कराने पर दस रुपये शुल्क पडे़गा। इसके बाद 50 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क देना होगा। उत्तर प्रदेश के निवासी या उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर विवाह होने पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। 
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ये हैं रजिस्ट्रेशन के फायदे

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ये हैं रजिस्ट्रेशन के फायदे
पासपोर्ट और वीजा बनवाने में पति और पत्नी का संबंध साबित करने के लिए।
संपत्ति से संबंधित किसी भी विवाद में खुद को पति या पत्नी साबित करने के लिए।
पेंशन और उत्तराधिकार के विवाद में।
पति के निधन के बाद किसी भी तरह के क्लेम में। शादी को कानूनी मान्यता देने में।
कहां और कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
जहां पर पति का निवास हो या जहां विवाह हुआ हो वहां रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। जैसे अगर कोई लड़का कानपुर देहात का रहने वाला है और उसने कानपुर शहर में शादी की है तो वह कानपुर शहर या कानपुर देहात दोनों में किसी भी जगह रजिस्ट्रेशन करा सकता है। रजिस्ट्रेशन के समय लड़के की उम्र 21 और लड़की की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। रजिस्ट्री दफ्तर में पंजीकरण कराया जा सकता है।
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