ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब टिकट बुक कराने के लिए आपको ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। आप घर बैठे न केवल ट्रेन के टिकट बुक करा सकते हैं बल्कि बुकिंग के बाद टिकट आपके घर पहुंच जाएगा। सबसे खास बात यह कि टिकट मिलने के बाद ही आपको उसका भुगतान करना होगा।
बुक माई ट्रेन
मतलब अब रेलवे टिकट कराने में भी आपको ‘पे ऑन डिलिवरी’ की सुविधा मिलेगी। यह खास सुविधा आपको www.bookmytrain.com के जरिए टिकटिंग कराने पर ही मिलेगी। इसकी शुरुआत आईआईटी कानपुर से पढ़ाई कर चुके छात्रों के एक समूह ने की है। हाल ही में बुक माई ट्रेन डॉट कॉम की इस सुविधा को इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने भी हरी झंडी दे दी है। दोनों के बीच इसे शुरू करने का समझौता हुआ है।
पहले चरण में यह सुविधा झारखंड और ओड़िसा छोड़कर देश के 600 शहरों में शुरू की गई है। यात्रा के पांच दिन पहले ही टिकट बुक करानी होगी। ई-टिकटिंग कराने में आती है दिक्कतें घर बैठे टिकट कराने की तो पहले से ही सुविधा थी लेकिन इसमें सबसे ज्यादा परेशानी पेमेंट के दौरान आती थी।
आईआरसीटीसी के 2015 के सर्वे के मुताबिक करीब 30 प्रतिशत से ज्यादा परेशानी लोगों को ई-टिकटिंग के दौरान भुगतान करने में आती थी। ई-टिकटिंग में भुगतान प्रक्रिया फेल होने की सबसे ज्यादा संभावनाएं होती हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में लोगों के पास अभी भी एटीएम, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में वह भी बुक माई ट्रेन के पे ऑन डिलिवरी सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
सर्विस चार्ज का करना होगा भुगतान
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पे ऑन डिलिवरी की सुविधा पाने के लिए यूजर को 90 रुपये के साथ सर्विस टैक्स देना होगा। मतलब अगर आप पांच हजार रुपये का टिकट बुक कराते हैं तो आपको 90 रुपये के डिलिवरी चार्ज के साथ सर्विस टैक्स का भुगतान भी करना होगा। हालांकि यह बेहद कम चार्ज होगा। टिकट रद्द कराने की स्थिति में यूजर को कैंसिलेशन और डिलिवरी चार्ज का भुगतान करना होगा।
पहले बताते थे टिकट कंफर्म कराने के उपाय
नीतीश जालान
बुक माई ट्रेन के को-फाउंडर नीतीश जलान हैं। नीतीश मूल रूप रांची, झारखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने यहां आईआईटी कानपुर से 2008 से लेकर 2013 के बीच बीटेक मैथमेटिक्स की पढ़ाई की। इसके बाद वह स्नैपडील जैसी बड़े ई-बाजार में नौकरी करने लगे। बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने कुछ नया करने के लिए ठानी। रेलवे में टिकट को लेकर परेशान लोगों को उपाय सुझाने के लिए अपने दोस्त संजय कुमार अग्रवाल के साथ इजी रेल एप की शुरुआत की। संजय भी आईआईटी कानपुर के ही कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट हैं। ईजी रेल एक ऐसा एप है जो टिकट कंफर्म न मिलने की स्थिति में आपको कई तरह के उपाय बता देता है जिससे आपकी यात्रा सही और सफल हो जाए।
एप के जरिए खाना,पीना भी
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इसके अलावा इस एप के जरिए खाना,पीना भी आप ट्रेन में बैठे-बैठे बुक कर सकते हैं और बुकिंग की डिलिवरी आपके सीट तक हो जाएगी। ऐसे हुई बुक माई ट्रेन की शुरुआत नीतीश बताते हैं ईजी रेल के बाद उन्होंने कैश ऑन डिलिवरी पर टिकट बुकिंग की शरुआत करने को सोचा। इसके लिए उन्होंने बुक माई ट्रेन का नाम सोचा, लेकिन वेब पर यह नाम पहले से ही किसी ने रजिस्टर्ड करा रखा था। पता किया तो यह गुड़गांव के अनुराग का निकला। इसके बाद नीतीश अनुराग के साथ मिलकर इसे बेहतर बनाने में जुट गए। परिणामस्वरूप महज दो माह की शुरुआत में ही इस एप से नौ हजार लोग प्रत्येक माह कैश ऑन डिलिवरी पर टिकट मंगाते हैं।
- आईआईटीयंस ने शुरू की ‘बुक माई ट्रेन’ एप और वेबसाइट
- आईआरसीटीसी से हुआ समझौता, छह सौ शहरों में शुरू हुई सुविधा