कानपुर। ग्राम पंचायतों में अब पंचायत सहायकों की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रहेगी। वह ग्राम उद्यमी तैयार करेंगे। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक से 25 लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा। पंचायतीराज विभाग ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
कानपुर जिले के 10 विकासखंडों की 590 ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायक अभी तक ग्राम सचिवालय संचालन, ई-ग्राम स्वराज, पंचायत गेटवे पोर्टल और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की ऑनलाइन फीडिंग जैसे कार्य करते थे। नई जिम्मेदारी के तहत गांव के युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और इच्छुक उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का दायित्व मिलेगा। वह स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लोगों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और विभिन्न विभागों की सहायता योजनाओं की जानकारी देकर संबंधित विभागों और बैंकों तक पहुंचाएंगे। पंचायत सहायकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से कराया जाएगा। यह पहल पंचायत ग्रामीण उद्योग रोजगार योजना के तहत लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमियों को बैंकों के माध्यम से 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, बेरोजगारी कम करना और युवाओं का शहरों की ओर पलायन रोकना है। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि पंचायत सहायकों को ग्राम उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए निर्देश मिले हैं। इसके लिए ग्रामीणों का चयन किया जाएगा। रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।